पानीपत। नगर निगम का रिकार्ड और प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे आपस में मेल नहीं खा रहा है, जिससे तमाम लोगों के सामने परेशानी आ रही हैं। वार्ड नंबर-4 स्थित रमेश नगर में स्कूल वाली जमीन का मालिक नगर निगम रिकार्ड में वह है, जबकि प्रॉपर्टी सर्वे के रिकार्ड में यह जमीन किसी और की है। वहीं शिक्षा विभाग भी इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहा है। ऐसे में पिछले आठ साल से पार्क का इंतजार कर रहे वार्ड और कॉलोनी के लोग परेशान हैं।
मालिकाना हक के चलते इस जमीन पर अब तक न तो स्कूल बन पाया और न ही पार्क बनाया जा सका है। वहीं, निगम की ओर से जारी किया गया 23 लाख रुपये का टेंडर भी रुका हुआ है। इन हालातों में वार्ड के लोगों ने निगम कर्मचारियों व अधिकारियों पर धांधली तक के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि खाली पड़ी इस जमीन को निगम वाले अवैध रूप से किसी ओर के नाम करने की प्लानिंग बना चुके हैं इसलिए सर्वे रिकार्ड में प्रॉपर्टी का नाम तक बदलवाया जा चुका है। वहीं, इसके तहसील में इंतकाल तक थर्ड पार्टी के नाम करवाने की तैयारी की जा चुकी है।
जमीन का मालिक शिक्षा विभाग नहीं, निगम है : शिकायतकर्ता
वार्ड निवासी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अंशू नारंग ने कहा कि जमीन शिक्षा विभाग की है ही नहीं तो विभाग इस पर अपनी मलकियत का दावा कैसे कर सकता है? इसके लिए उन्होंने जमीन की तस्दीक तक तहसील कर्मचारियों से करवाई थी। जिसमें साफ लिखा है कि जमीन का मालिक शिक्षा विभाग नहीं है। इसके बाद उक्त जमीन का रिकार्ड निगम से चेक करवाया तो पता चला कि जमीन नगर निगम की है। इसलिए यहां पार्क को प्रस्तावित करवाया गया। अब पीएमएस पोर्टल पर प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे में जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दिखाई दे रही है। इससे सीधे तौर पर धांधली की आशंका है।
निगम के रिकार्ड में सरकारी, पोर्टल पर राम नाम की महिला के नाम जमीन
इस जमीन की प्रॉपर्टी आईडी व लोकेशन के साथ जब इसका रिकार्ड निगम में चेक करवाया गया तो ये जमीन निगम के रिकार्ड अनुसार सरकारी जमीन है। इस पर दो मंजिला इमारत को भी दिखाया गया है। वहीं, सर्वे पोर्टल पर इसकी लोकेशन अशोक नगर की दिखाई, नाम राम है, और जेंडर फीमेल दिखाया गया है। इसका रकबा तक बदला हुआ है। रमेश नगर के लोगों ने इस जमीन के रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ करने के पीछे सर्वे कंपनी के साथ निगम कर्मियों पर भी धांधली का आरोप लगाया है।
शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव किया था पारित
जब निगम इस जमीन पर पार्क बनाने लगा और इसके लिए 23 लाख का टेंडर भी लगाया तो सन 2018 में शिक्षा विभाग ने नगर निगम को कई बार पत्राचार किया। शिक्षा विभाग ने कहा कि वे विभाग यहां करीब 34 लाख रुपये से स्कूल बनाएगा। इसके लिए उनकी प्रक्रिया चल रही है। इसलिए पार्क का काम रुक गया। पार्क का निर्माण करने वाली एजेंसी के ठेकेदार ने बताया कि इस टेंडर के चक्कर में उनकी ईएमडी भी आज तक निगम में फंसी हुई है। इसका न भुगतान हुआ और न ही इसके बदले कोई ओर काम किया गया।
सर्वे में हुई गलती, रिकार्ड में निगम के नाम जमीन- डीएमसी
प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे में गलती हुई है। जबकि निगम के रिकार्ड में अभी तक ये जमीन नगर निगम के नाम ही दिखा रहा है। सर्वे के रिकार्ड पर ऑब्जेक्शन लगा इसे ठीक करवाया जा सकता है। जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।