एनएफएल स्थित केंद्रीय विद्यालय को शुरू करवाने के लिए यूनियन की ओर से भेजी फाइल पिछले करीब एक साल से उद्योग और वित्त मंत्रालय में अटकी है।
इससे एनएफएल एंपलाइज यूनियन और अभिभावकों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। यूनियन स्कूल को खुलवाने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक गुहार लगा चुका है। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी है।
स्कूल बंद के चलते बच्चों को मजबूरी के कारण दूरदराज के स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाना पड़ रहा है। यूनियन सदस्यों ने बताया कि अप्रैल 2014 में किन्हीं कारणों के चलते स्कूल बंद कर दिया था।
इसके बाद प्रबंधन ने स्कूल चलाने के लिए निविदा की शर्तों के अनुसार एक मान्यता प्राप्त संस्था को करीब 3.11 लाख रुपये प्रतिमाह किराये पर दे दिया। इस स्कूल को चलाने की परमिशन के लिए उद्योग और वित्त मंत्रालय हरियाणा सरकार के पास अक्तूबर 2014 में फाइल भेजी थी।
उन्होंने बताया कि इस फाइल में जो भी कमियां थी उसे दूर कर दिया गया था बावजूद इसके अब तक स्कूल नहीं खुल पाया है। इससे यूनियन व अभिभावकों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है।
यूनियन सदस्यों राजेंद्र शर्मा, गुलाब सिंह, बलबीर सिंह, अनिल कुमार, संतोष कुमार आदि ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय को खुलवाने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने बताया कि यूनियन द्वारा भेजी गई फाइल उद्योग एवं वित्त मंत्रालय के पास लंबित पड़ी है। ऐसे में स्कूल न खुलने से बच्चों को दूर के स्कूल में जाते समय दिक्कत उठानी पड़ती है।
एनएफएल एंपलाइज यूनियन के प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि पिछले 35 वर्षो से एनएफएल में केंद्रीय विद्यालय चल रहा था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते अप्रैल 2014 में बंद हो गया था।
मांग है कि स्कूल को खुलवाया जाए, जिससे कि बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी न उठानी पड़े।