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क्लर्क राजीव की अलमारी में मिली पेंडिंग फाइल

Wed, 26 Aug 2015 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत
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जिला मौलिक शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस के हत्थे चढ़े क्लर्क राजीव त्यागी एक नहीं बल्कि सैकड़ों टीचरों की फाइलों को रोके बैठा था। विजिलेंस की टीम ने उनके ऑफिस की अलमारी से 35 फाइलें बरामद की हैं। ये सब फाइलें अप्रैल व मई माह में जमा हुई थीं।
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विभागीय अधिकारी भी इन सबके सामने आने के बाद भी चुप्पी साधे हुए हैं। विजिलेंस पानीपत की टीम लघु सचिवालय स्थित जिला मौलिक शिक्षा विभाग के पांचवीं मंजिल स्थित कार्यालय में पहुंची। टीम ने रिश्वत के आरोपी क्लर्क राजीव त्यागी की सरकारी अलमारी को खोला और उसका रिकॉर्ड जांचा।

विजिलेंस की टीम ने अलमारी में मास्टर वर्ग की 35 फाइलें बरामद की। ये सब फाइलें अप्रैल व मई माह में जमा कराई गई थी। विजिलेंस टीम ने फाइलों को रिकॉर्ड में रख लिया और रिश्वत के मामले की गहराई के साथ जांच शुरू कर दी।
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यह है मामला
विजिलेंस पानीपत ने 18 अगस्त को जिला मौलिक शिक्षा विभाग में तैनात क्लर्क राजीव त्यागी व डायरी डिसपेचर चतुर्थ श्रेणी कर्मी सत्यनारायण को एक हजार की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। विजिलेंस टीम ने दोनों से पांच-पांच सौ रुपये बरामद किए थे। विजिलेंस ने देहरा निवासी राजेंद्र की शिकायत पर कार्रवाई की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके पिता नफेसिंह राजकीय प्राथमिक पाठशाला बसाड़ा में टीचर थे और सेवानिवृत्ति के बाद वे बीमार हो गए। उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज कराया गया। इसी बीच उनकी मौत हो गई। उन्होंने उनके इलाज के मेडिकल बिल शिक्षा विभाग में लगाए। जिला मौलिक शिक्षा विभाग में 1,48,932 रुपये का एक बिल क्लर्क राजीव त्यागी द्वारा रोक लिया गया। वह उसको पास करने की एवज में एक हजार रुपये की मांग कर रहा है।
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