ब्लॉक मौलिक शिक्षा अधिकारी सुदेश कुमार तोमर ने बुधवार को शौदापुर गांव के स्कूल का औचक निरीक्षण किया। कक्षाएं खाली देख बीईईओ भड़क गए और अध्यापकों को फटकार लगाते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि अगर शिक्षकों ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई होगी। इससे पूर्व उन्होंने नारा, बोहली और रेरकलां गांव के स्कूलों का भी औचक निरीक्षण किया। जहां पर अध्यापक कक्षाओं में न होकर टोलियों में बैठकर बातें करते पाए।
बीईईओ अपनी गाड़ी को स्कूल से बाहर खड़ी कर स्कूल में दाखिल हुए और सीधे कक्षाओं में जा पहुंचे। अध्यापकों को उनके आने का तब पता लगा जब बीईईओ ने तीन कक्षाओं का निरीक्षण कर बच्चों से सवाल जवाब भी कर लिए।
बीईईओ तोमर ने कहा कि राजकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने एलईपी कार्यक्रम शुरू किए हैं।
इसके तहत क्षेत्र के ऐसे 28 स्कूलों का चयन किया। न स्कूलों में अध्यापक तभी ड्यूटी पर माना जाएगा। जब बच्चे को उसकी कक्षा और सिलेबस के मुताबिक किताबों का ज्ञान होगा। मात्र अपनी ड्यूटी करने से अब काम नहीं चलेगा।
बीईईओ तोमर ने अध्यापकों को चेतावनी दी कि इन स्कूलों में किसी समय भी अधिकारी निरीक्षण कर सकते हैं। अगर कक्षा के लेवल के मुताबिक बच्चा पढ़ाई में कमजोर पाया गया तो उस अध्यापक की तनख्वाह रोक ली जाएगी और जब तक कक्षा के लेवल के मुताबिक बच्चा सभी प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाएगा तब तक उनको तनख्वाह जारी नहीं दी जाएगी।