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Panipat News: थर्मल में चल रही बसों के किलोमीटर में घपला

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पानीपत। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन में चल रही एक प्राइवेट ट्रांसपोर्टर की बसों के किलोमीटर अधिक दिखाकर घपला किया जा रहा है। इससे हर महीने हजारों किलोमीटर अधिक दिखाकर मोटी चपत लगाई जा रही है। बसें भी परिचालक के बिना चलाई जा रही हैं। कोई आवाज उठाता है तो उसको नौकरी से हटा दिया जाता है। थर्मल में अधिकारी आरटीआई एक्ट में भी बसों को लेकर किसी प्रकार की जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसकी सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई है। मामला खुलने के बाद थर्मल के अधिकारी और ट्रांसपोर्टर की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है।
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उल्लेखनीय है कि पानीपत थर्मल प्लांट के कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों को शहर में लाने के लिए पहले थर्मल की बसें चलती थीं। इनसे किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाता था। कई साल पहले थर्मल की बसों को बंद कर दिया गया था। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों को इसका टेंडर दिया जाने लगा। इन बसों को किलोमीटर की स्कीम पर लिया गया है। एक बस को एक किलोमीटर के करीब 31 रुपये दिए जाते हैं। अब पानीपत के पॉल ट्रेवल्स की बसें चल रही हैं। ट्रांसपोर्टर ने 32 सीटर सात बसें चला रखी है।




शिकायत में ये लगाए आरोप



सुताना गांव निवासी बलराज और थर्मल बाईपास निवासी सोनू ने आगे आकर सीएम विंडो में इसकी शिकायत दी है। उन्हाेंने आरोप लगाए कि उनको कौशल रोजगार के अंतर्गत वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन अब उनको 12 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता है। बसों के किलोमीटर में छेड़छाड़ की जाती है। उनको भी कई बार सर्विस के बहाने वर्कशाप में भेजा गया था। एक बस के मीटर के अनुसार 22 हजार किलोमीटर हैं, लेकिन रिकॉर्ड में उसके 32 हजार किलोमीटर दिखाए गए हैं। सात में से एक भी बस पर कंडक्टर नहीं है। उन्होंने आरटीआई के तहत थर्मल से इसकी जानकारी मांगी तो उनको किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि थर्मल के कई अधिकारी और ट्रांसपोर्टर मिलकर हर महीने इस तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं।
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वर्जन :

थर्मल में सात बसें ठेके के अंतर्गत चल रही हैं। सभी चालकों को सरकारी नियमानुसार वेतन बैंक खाते में दिया जाता है। किलोमीटर में अधिक दिखाने व वेतन कम देने के आरोप निराधार हैं। सारा रिकॉर्ड उनकी देखरेख में रहता है। यह किसी की शरारत नजर आती है।
भवनीत, संचालक, पॉल ट्रेवल्स एजेंसी, पानीपत।




वर्जन :



बसों के बिल व अन्य रिकॉर्ड एसडीओ की देखरेख में पास होते हैं। मेरा काम बसों का संचालन देखना है। बिलों का किलोमीटर अधिक दिखाने का किसी प्रकार का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। ऐसा है तो उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लेकर आएंगे।
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हरीश, जेई, थर्मल पावर प्लांट।
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