पानीपत। जिले के कुराड़ गांव की सरोज ने जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद भी हार नहीं मानी और स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की राह चुनी।
कभी आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों से जूझने वाली सरोज आज पशुपालन के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और समूह की बैठकों में गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक कर रही हैं। सरोज ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले उनके जीवन में ऐसा समय आया जब उनके बेटे ने शादी के बाद उन्हें अलग कर दिया। वहीं पति भी लंबे समय से बीमार रहने लगे थे। घर की सारी जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई।
परिवार चलाने के लिए कोई स्थायी आय का साधन नहीं था। आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई थी कि घर का खर्च चलाना भी मुश्किल होने लगा था, ऐसे कठिन समय में गांव की कुछ महिलाओं ने उन्हें स्वयं सहायता समूह से जुड़ने की सलाह दी। दूसरी महिलाओं से प्रेरित होकर उन्होंने भी गांव के स्वयं सहायता समूह की सदस्यता ली।