पानीपत। नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 17वें दिन भी जारी रही। सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। कुरुक्षेत्र में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी कोई समाधान नहीं निकलने से नाराज कर्मचारियों ने शनिवार को इंसार बाजार में झाड़ू प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों को लागू करने में टालमटोल कर रही है। वहीं, कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मतलौडा में पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार को मांगपत्र सौंपकर मांगें पूरी कराने की गुहार लगाई।
निगम कर्मचारियों की लगातार हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। निगम के अनुसार शहर में करीब 300 टन कूड़ा जमा हो गया है। करीब आधा दर्जन वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। इससे बाजारों, गलियों और मुख्य सड़कों पर गंदगी के कारण लोगों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने शनिवार को पालिका बाजार स्थित कार्यालय के नीचे धरना दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने इंसार बाजार में झाड़ू प्रदर्शन किया। इकाई प्रधान नरेश कुमार अठवाल ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं। सरकार ने करीब तीन महीने पहले 17 मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों की मांग है कि इन पर जल्द अधिसूचना जारी की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर बार आश्वासन देकर पीछे हट जाती है। ऐसे में कर्मचारियों को मजबूरी में हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मतलौडा में पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार को मांगपत्र सौंपा।
रात में करानी पड़ रही सफाई
कर्मचारियों की 17 दिन से जारी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सड़कों और मुख्य चौराहों के आसपास करीब 300 टन कूड़ा जमा होने की बात कही जा रही है। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के साथ निजी एजेंसी के सफाईकर्मियों को भी काम करने से रोकने के आरोप हैं। ऐसे में निगम प्रशासन रात और तड़के के समय सफाई कराने का प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाई है।
व्यापारियों का आरोप, सुबह होते ही फिर लग जाता है कूड़े का ढेर
इंसार बाजार के व्यापारी हेमंत ने बताया कि बाजार में रोजाना प्रदर्शन हो रहा है और कई जगह कूड़ा भी जमा हो रहा है। इससे दुकानों पर बैठना मुश्किल हो गया है। ग्राहक भी बाजार आने से कतरा रहे हैं। त्योहारों के मौसम में कारोबार प्रभावित हो रहा है।
व्यापारी विशाल वर्मा ने बताया कि निगम रात में थोड़ी-बहुत सफाई कराने का दावा करता है, लेकिन सुबह होते ही फिर वही स्थिति बन जाती है। जब तक नियमित रूप से सफाई नहीं होगी, तब तक राहत नहीं मिलेगी। व्यापारी वर्ग पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहा है और अब गंदगी की समस्या ने परेशानी और बढ़ा दी है।
आजाद नगर निवासी सुनीता शर्मा ने बताया कि 17 दिन से गली में ठीक से सफाई नहीं हुई है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नियमित नहीं आ रही है। इससे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।
विर्क नगर निवासी विक्रम सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का हड़ताल करना उनका अधिकार हो सकता है, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। कचरे के कारण नाले बंद हो रहे हैं और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। प्रशासन को सफाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए।
शहर में निजी एजेंसी की ओर से लगातार सफाई कराई जा रही है। सरकारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जा रही है।
अरुण, उप नगर आयुक्त, नगर निगम
पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार को ज्ञापन सौंपते नगर निगम कर्मचारी। स्रोत : यूनियन- फोटो : Archive