पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) की बैठक में सेक्टरवासियों ने अधिकारियों को समस्या समाधान न करने पर घेर लिया। अधिकारियों पर टेंडर और वर्क ऑर्डर में पारदर्शिता न होने के आरोप लगाए। करीब ढाई घंटे चली बैठक में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि अनदेखी के चलते सेक्टर किसी पुराने गांव से ही बदतर नजर आता है। ईओ के साथ पहली बार बैठक में तकनीकी शाखा के तीनों एक्सईएन, एसडीओ और जेई शामिल रहे। एचएसवीपी ने पहले यह बैठक 21 और फिर 24 को तय की थी। अधिकारियों ने दोनों बार बैठक स्थगित कर दी थी।
हुडा सेक्टर्स कांफिडेरेशन के बैनर तले शुक्रवार को तीन बजे बैठक शुरू की। आरडब्ल्यूए से संयोजक बलजीत सिंह ने समस्याएं रखीं। बलजीत सिंह ने बताया कि सेक्टरों में मूलभूत सुविधा तक नहीं हैं। सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट, सड़क व पार्क के साथ ग्रीन बेल्ट की सफाई, की तरफ कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी में विकास कार्यों के टेंडर में किसी प्रकार की पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। अधिकारियों को किसी काम की कहते हैं तो टेंडर खत्म होने का जवाब देते हैं। अधिकारियों को कोई भी टेंडर खत्म होने से पहले नए सिरे से काम पूरा कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आगे टेंडर और वर्क ऑर्डर की जानकारी संबंधित आरडब्ल्यूए को देंगे। सेक्टरवासी प्राधिकरण को हर चार्ज समय पर अदा कर रहे हैं। ऐसे में उनको मूलभूत सुविधा भी मिलनी चाहिए। ईओ ने तकनीकी अधिकारियों को इसके इसकी कॉपी आरडब्ल्यूए को उपलब्ध कराने की कही।
ई-टेंडर में नहीं की जाती अलॉटमेंट
बलजीत सिंह ने कहा कि सेक्टरों में सफाई ठीक से नहीं की जा रही है। सेक्टर 6, 7, 8, 24, 40 और 41 में पर्याप्त सुविधा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी सफाई नहीं करवा पा रहा है तो उनसे चार्ज लेना भी बंद किया जाए। सेक्टरवासी 10-15 वर्ष से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदार सीधे कमीशन की बात करते हैं। किसी भी सेक्टर में सीवर लाइनों की सफाई आधुनिक मशीनों से नहीं की जाती। जिस वजह से सीवर का पानी सड़कों पर आता रहता है। जिससे जन-जीवन पर प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारी मशीनरी की शर्त पूरा करने वाली फर्म को ही ठेका दिया जाएं।
पानी की टंकी की सफाई तक नहीं
आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने कहा कि पानी की टंकियों की सफाई तक नहीं की जा रही है। ऐसे में दूषित पानी आता है। घरों की टोंटियों में मिट्टी भर जाती है। ऐसे में टोंटी बार-बार बदलवानी पड़ रही हैं। इनकी नियमित रूप से सफाई करनी चाहिए। वहीं सेक्टर-7 आरडब्ल्यूए ने मंदिर के लिए 150 गज जमीन की मांग की। उन्होंने कहा कि सेक्टर में कोई भी धार्मिक स्थल नहीं है। ऐसे में सेक्टरवासियों को दूसरे सेक्टर या शहर में दूसरे स्थानों पर मंदिर में जाना पड़ता है।
सेक्टरों की आरडब्ल्यूए के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक की हैं। सेक्टरवासियों ने अपनी समस्याओं को रखा है। तीनों एक्सईएन को उनके कामों की जानकारी दी है। इनका जल्द ही समाधान कराया जाएगा।
देवेंद्र शर्मा, ईओ, एचएसवीपी।