समालखा(ब्यूरो)। पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के चार दिन बाद भी बैंकों लाइन कम नहीं हो रही। शहर के एटीएम मशीनों में भी कैश कुछ घंटों के अंदर खत्म हो गया। शहर के लोगों का आसपास के गांवों में स्थित बैंकों में पहुंचने से वहां भी अफरा-तफरी का माहौल रहा। नोट बदलने के लिए लोग अपने परिवार के सदस्यों को भी लाइन में लगा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने 500 और हजार रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के चार दिन बीत जाने के बाद भी लोगों में अफरातफरी है। शहर की सभी बैंकों में नोट बदलने और पैसे जमा करवाने के लिए लाइनें लगी हुई हैं। युवाओं से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं तक लाइनों में लगी हुई हैं। कस्बे के एटीएम में सर्वर स्लो होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। पंजाब एंड सिंध बैंक में लाइन में लगे महेश गुप्ता ने बताया कि करीब दो घंटे बाद जब उनका नंबर आया तो बैंक में कैश ही समाप्त हो गया।
परिवार के सदस्यों की लगाई डयूटी
नोट बदलने के लिए लोगों ने परिवार के सदस्यों की ड्यूटी अलग-अलग बैंकों में लगा दी है। ताकि किसी न किसी बैंक में तो उनके नोट बदले जाएं। हालांकि, इसके बाद भी उनका कहना है कि देश में हित में कुछ परेशानी झेलने में कोई बुराई नहीं है।
एक गड्डी पर पांच ऊपर
लोग दिनभर बैंकों और एटीएम की लाइनों में लगकर परेशान रहे। वहीं शहर में पांच सौ रुपये से लेकर दस हजार रुपये की गड्डी देने वालों की भी अंदरखाने चर्चाएं गर्म हैं। ये लोग एक गड्डी पर पांच ऊपर ले रहे हैं। अब पांच का अर्थ प्रतिशत से है या पांच हजार से यह स्पष्ट नहीं है।