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बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ा ,उफान पर नदी

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सनौली। यमुना नदी के पुल के छुता पानी। - फोटो : panipat
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मैदानी क्षेत्र के साथ पहाड़ो में चल रही बरसात के चलते यमुना में रविवार सुबह 4 बजे से जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं सोमनदी व ताजे वाला हैड से भी लगातार बरसाती पानी यमुना नदी में पानी छोड़ा जा रहा था। जिससे यमुना नदी में पानी चेतावनी संकेत स्तर 230.00 क्यूसिक मीटर के पास पहुंच चुका है। इससे जिले के यमुना तट से लगते कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं यमुना के साथ लगते खेतों में यमुना का पानी घुस चुका है। इससे किसानों ने अपनी फसलें बर्बाद होनेे की आशंका जताई है। वहीं अधिकारियों को कहना है कि उन्होंने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।
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वहीं रविवार को यमुना में पानी का निरीक्षण करने सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर ने बाढ प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अगर बरसात इसी तरह होती रही तो पानी 230 मीटर क्यूसिक यानी डेंजर जोन में पहुंच सकता है। केन्द्रीय जल आयोग कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि अभी ताजे वाले हैड से एक लाख 95 हजार क्यूसिक मीटर पानी चल रहा है। देर रात तक नदी में पानी स्थिर रहने का आंशका है। अब तक जल आयोग की टीम ने किसी नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
2 करोड़ से बनाए थे स्टड
सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर का कहना है कि इस बार बाढ़ से बचाव के लिए यमुना नदी में गांव तामसाबाद, मिर्जापुर में करीब 2 करोड़ की लागत से पुरानी ठोकरों यानी स्टड की मरम्मत करवाई गई है। यमुना बांध पर कटाव वाले स्थानों पर मिट्टी डाली जा रही है। बाढ़ बचाव के लिए कई जगह यमुना बांध पर कट्टों में मिट्टी भराई का कार्य किया जा रहा है, ताकि बाढ़ से कटाव वाली जगह पर उन्हें लगाया जा सके ।
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हजारों एकड़ में भरा यमुना का पानी-
यमुना नदी मे आए उफान के से राणामाजरा, पत्थर गढ़, नवादा आर, नवादा पार, गढी बेसिक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेडा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, गोयला कलां, खोजकीपुर आदि दर्जनो गांव की हजारों एकड़ फसलों में पानी भर चुका है। इनमें किसानों की ईंख, ज्वार, ढांचा, घीया, पेठा की फसलें खराब हो रही हैं।
ये बोले किसान-
किसान कृष्ण, देवेन्द्र, बलबीर, पकंज, सुरेशपाल, सतीस ने बताया कि यमुना नदी में आए पानी की वजह से उनकी फसलों खड़ी घीया, पेठा, मिर्च आदि सब्जियों में पानी भर गया है। नदी के अंदर खड़ी हजारों एकड़ फसल पानी मेें डूब चुकी हैं। नदी में इसमें फंसे बिजली के ट्यूबवेल की मोटरें, इंजन आदि सामान को बडी मुश्किल से बाहर निकाला है। ज्यादा पानी से कटाव व फसलों के बर्बाद होने की आशंका बनी हुई है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर सिंह ने बताया कि अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किए जा रहे हैं। पत्थर, स्टड व बांध पर पड़े कटाव को मिट्टी से भरने का काम किया जा रहा है। किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए हर गांव में टीकरी पहरा लगाने का इंतजाम किया जा रहा है।
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