फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: गर्भवतियों में बढ़ा हाई रिस्क डिलीवरी का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। जिले में गर्भवतियों में हाई रिस्क डिलीवरी का खतरा बढ़ रहा है। गर्भवतियों में सबसे अधिक दिक्कत खून की कमी, शुगर व उच्च रक्तचाप की मिल रही है। एक अप्रैल 2024 से 31 दिसंबर तक स्वास्थ्य विभाग ने 6447 गर्भवतियों की जांच की है।
विज्ञापन

इनमें से 2262 गर्भवतियां हाई रिस्क डिलीवरी के दायरे में मिली थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एनिमिया मुक्त अभियान में 40 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी मिली। 20 प्रतिशत गर्भवतियों में तो महज छह से सात ग्राम के बीच खून मिला है। 25 प्रतिशत गर्भवतियां उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मिली है। गर्भवतियों की हाई रिस्क संबंधी रिपोर्ट डॉक्टरों ने सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को सौंप दी है। अब हाई रिस्क डिलीवरी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग रणनीति पर काम करेगा।
हाई रिस्क डिलीवरी का में सबसे बड़ा खतरा उच्च रक्तचाप है। जिसके कारण प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन व जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 15 प्री मैच्योर डिलीवरी हो रही है।
विज्ञापन

प्री मैच्योर डिलीवरी से नवजातों में अंधेपन व बहरेपन का खतरा बन रहा है। प्री मैच्योर डिलीवरी में नवजात के कानों के परदे पूर्ण रूप से विकसित नहीं होते। इसलिए वो जन्म के साथ बहरे पैदा होते हैं। इसलिए अब डॉक्टर प्री मैच्योर डिलीवरी के मामले में जन्म के बाद से ही बच्चों के कानों के परदों की जांच कर रहे हैं।
महिला संबंधी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन ने बताया कि गर्भधारण के दौरान महिलाएं खान पान में लापरवाही बरतती हैं। उनको गर्भधारण के बाद अपने व बच्चे के लिए पर्याप्त डाइट चाहिए होती है लेकिन इनमें महिलाएं लापरवाही बरतती हैं। महिलाओं में सबसे बड़ा खतरा खून की कमी व उच्च रक्तचाप का है। इसलिए गर्भवतियों को नियमित डॉक्टर से परामर्श लेने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें