दिनभर आसमान में खिली रही धूप। संवाद
पानीपत। फरवरी में ही रविवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री से ज्यादा रहा। तापमान बढ़ने के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसानों को फसल उत्पादन कम होने की चिंता सताने लगी है। रविवार को हवा की रफ्तार सामान्य होने से अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़ा। मौसम विशेषज्ञ ने आगामी कई दिन मौसम साफ रहने और तापमान बढ़ने की संभावना जताई है।
जिले में फरवरी माह समाप्त होने से पहले ही अधिकतम तापमान रविवार को 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान बढ़ने के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। रविवार को सुबह ही तेज धूप निकलने से दिन में गर्मी महसूस की गई। हवा की रफ्तार 11 किलोमीटर प्रति घंटा रही और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। परढ़ाना निवासी सुल्तान सांगवान ने बताया कि वे गेहूं की उगाते हैं। इस साल पिछले साल की अपेक्षा फरवरी में ही तापमान बढ़ने लगा है दिन में गर्मी बढ़ने से फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है क्योंकि गेहूं के दाने के विकास के लिए फरवरी और मार्च माह में हल्की धूप के साथ हल्की ठंड भी आवश्यक होती है लेकिन पिछले दो दिन से तापमान लगातार बढ़ रहा है। सुबह व शाम को तो हल्की ठंड हो रही है लेकिन दिन में गर्मी बढ़ने लगी है। इस तरह दिन में गर्मी बढ़ने लगी तो गेहूं की फसल के उत्पादन पर असर पड़ेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र ऊझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि आगामी कई दिन मौसम साफ रह सकता है। मौसम साफ रहने से तापमान भी बढ़ सकता है। बढ़ता तापमान फसलों के उत्पादन को कम कर सकता है। किसानों को फसलों में नमी रखने के लिए समय-समय पर सिंचाई करनी चाहिए ताकि फसलों में नमी बनी रहे और गेहूं का दान अच्छे से विकसित हो सके और उत्पादन अच्छा हो।