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डीएसपी मुख्यालय की डुप्लीकेट फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को भेजी रिक्वेस्ट, साइबर सेल जांच में जुटी

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साइबर ठग इतने बेखौफ हो गए हैं कि अब वे पुलिस अधिकारी को भी शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। एक साइबर ठग ने वीरवार सुबह सात बजे डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स की डुप्लीकेट फेसबुक आईडी बनाई और लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी। मामला डीएसपी के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने साइबर सेल टीम को जांच के आदेश दिए। उन्होंने अपने निजी अकाउंट से लोगों से रिक्वेस्ट स्वीकार न करने की अपील की।
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जिले में कई प्रकार से साइबर ठगी अंजाम दी जा रही है। इसी में से एक तरीका लोगों की डुप्लीकेट आईडी फेसबुक आई बनाकर परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना और फिर मदद के नाम पर पैसे मांगने का है। लोगों को मैसेंजर पर मैसेज भेजकर ठग उपचार या किसी अन्य बहाने से रुपये की मांग करता है और कुछ लोग झांसे में आ जाते हैं। वे कॉल कर परिचित से कंफर्म नहीं करते और ठग के बताए अकाउंट नंबर या यूपीआई पर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। ऐसे में डीएसपी ने अपने असल अकाउंट पर लोगों को डुप्लीकेट अकाउंट बनाए की सूचना दी और सावधान रहने की अपील की। हालांकि किसी भी परिचित के पास पैसे मांगने का कोई मैसेज नहीं आया है।
सुबह लोगों ने कॉल कर डीएसपी मुख्यालय को दी फ्रेंड रिक्वेस्ट आने की सूचना
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि उनके पास सुबह एक परिचित का कॉल आया और मेरी तरफ से उन्हें फेंड रिक्वेस्ट भेजने की बात पूछी। उन्होंने मना किया तो जानकार ने स्क्रीन शॉट भेजा। इसी बीच उनके पास एक और परिचित का कॉल आया और उसके बाद कई कॉल आए। फेसबुक चेक किया तो उनके नाम से दूसरी आईडी भी बनी थी। जिसके बाद उन्होंने साइबर सेल प्रभारी को जांच के आदेश दिए और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कहा।
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लोगों से अपील, कोई भी रिक्वेस्ट और रुपयों की डिमांड स्वीकार न करें
डीएसपी सतीश वत्स ने ठग ने डुप्लीकेट आईडी पर डिस्पले पिक्चर, कवर फोटो भी उनके असल अकाउंट जैसे ही लगाए थे। साथ ही साइबर ठग ने उनकी वॉल से बाकी इमेज भी लेकर फर्जी आईडी पर अपलोड कर दी थीं। यहां तक कि ठग ने उनकी जन्म तिथि डाली और लोकेशन में लिखा कि पानीपत में पले-बढ़े। यह देख उन्होंने तत्काल ही सोशल मीडिया पर मैसेज जारी किया और फर्जी आईडी बनाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें और आईडी से अगर इमरजेंसी या कोई और बहाना बनाकर रुपयों की मांग की जाती है तो रुपये ट्रांसफर न करें।
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