पानीपत। टेक्सटाइल नगरी पानीपत के मध्यम उद्यमियों को केंद्र सरकार के बजट में ऑक्सीजन मिली है। वहीं एक्सपोर्टर और बड़े उद्यमियों के लिए यह मिला जुला रहा। उद्यमियों ने इसको संतोषजनक बताया है। इस बजट से पानीपत के घरेलू उद्योग को भी बड़ा सहारा मिलेगा। इसके साथ स्टार्टअप को बजट में एक बड़ा सहारा मिला है। अर्थशास्त्री के साथ उद्यमी भी केंद्र सरकार के इस बजट को मध्यम वर्ग के लिए फायदेमंद मानते हैं। पानीपत का करीब 15 हजार करोड़ का निर्यात और करीब 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है। 20 हजार छोटे बड़े उद्योगों पर केंद्र का बजट प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कहीं न कहीं एक सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
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नौकरीपेश और एनपीएस में होगा ये फायदा
केंद्र सरकार के बजट में नौकरीपेशा को स्टैंडर्ड रिडक्शन (छूट) को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया है। इसमें वेतनभोगी और दूसरे लोग भी शामिल होंगे। सीए भूपेंद्र दीक्षित ने बताया कि अब इस वर्ग के लोगों को 75 हजार रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसी तरह नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें नियोक्ता का शेयर 14 प्रतिशत किया गया है। यह पहले 10 प्रतिशत था। कर्मचारी को फैमिली पेंशन में 15 हजार रुपये की छूट थी, जो अब 25 हजार रुपये कर दी है। पानीपत जैसे औद्योगिक शहर में इन दोनों वर्ग में लाखों लोगों का फायदा मिलेगा। इसके अलावा टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया है। इसका भी असर पड़ेगा।
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स्टार्टअप आगे आएंगे और एमएसएमई को मिलेगा सहारा
युवा आज स्टार्टअप पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। वहीं पानीपत जैसे शहर में एमएसएमई के दायरे में अधिकतर उद्योग हैं। उन्हें एंजल टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब इसको खत्म कर दिया है। यह स्टार्ट के लिए काफी मददगार साबित होगा। एमएसएमई मुद्रा लोन पहले 10 लाख रुपये था। अब इसको 20 लाख रुपये कर दिया है। वहीं फोरेन कंपनी का पहले टैक्स 40 प्रतिशत था। इसको कम कर 35 प्रतिशत कर दिया गया है। सीए भूपेंद्र दीक्षित ने बताया कि इससे आयात ड्यूटी कम होगी। उद्यमियों को विदेश से मशीन मंगवाना सस्ता होगा। ऐसे में प्रोडक्शन कास्ट भी कम होगी।
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सभी करदाता को टैक्स के स्लैब में कुछ राहत
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की पानीपत शाखा के चेयरमैन सीए जगदीश धमीजा ने बताया कि बजट का मिला-जुला असर सभी वर्गों पर देखने को मिला। टैक्स की नई स्लैब के तहत रिटर्न भरने वाले सभी करदाता को टैक्स के स्लैब में कुछ फेरबदल कर कुछ राहत दी गई है। म्युचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेशकों पर टैक्स की दर को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन में पांच और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि कर एक बड़ा झटका दिया है। टीडीएस की दरों में कटौती कर व्यापारियों को कुछ राहत दी है। साझेदारी फर्म के अंतर्गत व्यापार करने वाले साझेदारों के ऊपर उनको मिलने वाली सैलरी कमीशन आदि के ऊपर 10 प्रतिशत टीडीएस लगाया गया है। कैंसर से संबंधित तीन दवा को जीएसटी में कर मुक्त किया है।
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बड़े निर्यातकों को बजट में सीधा कुछ नहीं मिला
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि बड़े निर्यातकों को बजट में सीधा कुछ नहीं मिला है। बजट में आयात शुल्क बढ़ाया जाना था। इससे चाइना के माल पर रोक लगती। ऐसे में स्थानीय उत्पाद की मांग बढ़ती। बजट में नए कर्मचारी का चार साल तक पीएफ अब सरकार देगी। इससे पहले मालिक को देना होता था। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारी को दो से पांच हजार रुपये तक सरकार रुपये देगी। यह काफी हद तक सहयोगी रहा है।
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एमएसएमई को दिया गया बढ़ावा
हैंडलूम एक्सपोर्टर मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि बजट में एमएसएमई को बढ़ावा दिया गया है। यह कहीं न कहीं मध्यम उद्यमियों के लिए फायदेमंद है। उनको इसके सहारे की भी जरूरत थी। वहीं स्टार्ट को भी बजट में कुछ मिला है। आज स्टार्टअप से ही किसी इंडस्ट्री या फिर शहर में विकास संभव है। सरकार को निर्यातकों के साथ नए उद्योग लगाने की दिशा में कुछ कदम उठाना चाहिए।
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सएमएमई से जुड़े बाजार को मिलेगा सहारा
उद्यमी अश्वनी शर्मा ने बताया कि पानीपत में निर्यातकों के साथ एक बड़ा वर्ग घरेलू उत्पादक भी है। पानीपत का करीब 80 हजार करोड़ का घरेलू बाजार है। ये सब एसएमएमई से जुड़े हुए हैं या फिर स्टार्टअप इसमें आगे आते हैं। बजट में इस वर्ग को सबसे अधिक सहारा मिला है।
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पानीपत शहर के विधायक प्रमोद विज ने कहा कि यह नए और समृद्ध, शक्तिशाली व विकसित भारत का बजट है। जिसमें विकसित भारत के विराट संकल्प नजर आ रहा है। बजट वंचितों को वरीयता देता है। यह एक समावेशी बजट है। जिसमें हर वर्ग के लोगों को मौका दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीता रमन ने हर वर्ग का ध्यान रखा है।