पानीपत। बजट की सबसे अहम बात क्रिप्टोकरेंसी रही। जिले क्रिप्टो निवेशकों ने राहत की सांस ली है। किप्टो की कमाई को टैक्स में दायरे में लाया जाना स्वागत योग्य कदम है। बीते दो महीने से निवेश डूबने का भय आखिर खत्म हुआ। यह कहना था शहर के चार्टर्ड अकाउंटेंट का। ‘अमर उजाला’ ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ संवाद किया। इसमें उन्होंने कहा कि 80सी के तहत आयकर में हाउसिंग लोन पर ब्याज की छूट बढ़ाने की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। हालांकि विकास और डिजिटलीकरण पर फोकस रहा है।
प्रतिक्रिया :
क्रिप्टो और डिजिटल में बड़ा कदम
आयकर स्लैब में कुछ बदलाव नहीं किया गया है। यह बजट विकास पर आधारित रहा है। क्रिप्टोकरेंसी से आय पर टैक्स लगाकर एक तरह से इसे अनुमति दे दी गई और सरकार अपनी डिजिटल करेंसी भी लाएगी। इससे सरकार को आय होगी और लोग भी भयमुक्त होकर निवेश कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक व्हीकल और उनके चार्जिंग प्वाइंट पर जोर दिया गया है, जो बेहतर है। -सीए योगेश गोयल, चेयरमैन, आईसीएआई
केवल आयातित वस्तुओं पर राहत
बजट में आयातित जूता, कपड़ा, हीरे के गहने, मोबाइल चार्जर ही सस्ते हुए हैं, इनकी कस्टम ड्यूटी को घटा दिया है। दूसरा उद्योगपितयों को मशीनें आयात करने में राहत दी गई है। देश में बनी मशीनों पर इसका असर नहीं होगा। बजट में दिव्यांगों की पॉलिसी और एनपीएस स्कीम वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों का राहत दी गई है। -सीए भूपेंद्र दीक्षित, उप प्रधान, आईसीएआई
आईटीआर में त्रुटि ठीक करने को दो वर्ष का वक्त सराहनीय
रिटर्न फाइन करने में गलती हो जाए तो ठीक करवाने के लिए अपील करनी पड़ती थी। अब आईटीआर में गलती होने पर उसे दो वर्ष तक ठीक किया जा सकेगा। यह सराहनीय कदम है, इससे करदाताओं को लाभ होगा। इन गलतियों की वजह से होने वाले विवाद कम होंगे। -सीए रमन मान, सदस्य, आईसीएआई।
कोरोना से प्रभावित उद्योगों को राहत
एमएसएमई के लिए सरकार ने दो लाख रुपये का बजट बनाया है। जिससे जिले भर के करीब 18 हजार लघु उद्योगों को फायदा मिलेगा। वहीं, सरकार ने ईसीएलजीसी के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। उन उद्योगों और व्यापार को इसका लाभ मिलेगा, जो कोरोना की वजह प्रभावित हुए। - सीए सचिन जैन
बैंक की तरह काम करेंगे पोस्ट ऑफिस
अब पोस्ट आफिस भी बैंक की तरह काम करेंगे। एटीएम बनाएं जाएंगे। इससे लोग पोस्ट ऑफिस में निवेश भी कर सकेंगे। इससे खास तौर पर ग्रामीण अंचल के उन लोगों को फायदा होगा, जिनके नजदीक बैंक नहीं है। तकरीबन हर गांव में पोस्ट आफिस है। ये ग्रामीणों के लिए सौगात है। - सीए लविश तेहरी
सहकारी समितियों को टैक्स में राहत
सहकारी समितियों को राहत देते हुए इनका एएमटी टैक्स घटा दिया है। पहले इन पर साढ़े 18 प्रतिशत का टैक्स लगता था, अब ये टैक्स करीब साढ़े 15 टैक्स लगेगा। डिजिटल एजुकेशन पर ध्यान दिया गया है। पीएम आवास योजना के तहत 80 लाख मकान भी बनाएं जाएंगे। - सीए दीपक शर्मा