पानीपत। नगर निगम के संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैैक्स) के डाटा को एक बार फिर से एकीकृत (इंटीग्रेटेड) करने की तैयारी है। निगम अधिकारियों का दावा है कि मार्च तक शहर के पूरे डाटा को एकीकृत कर दिया जाएगा। इससे शहरवासियों की प्रॉपर्टी आईडी और इससे जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। इस काम को भी सर्वे करने वाली एजेंसी याशी ही करेगी। इसके लिए कंपनी ने चार कार्यालय बनाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन त्रुटि पूर्ण फाइलों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि याशी कंपनी की ओर से किए गए संपत्ति कर के खामियों से भरे सर्वे का डाटा अभी तक एकीकृत नहीं हो सका है। इससे शहरवासी परेशान भी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, डाटा में केवल 70 प्रतिशत संपत्तियों का ही पिछले डाटा के साथ मिलान हो पाया था।
ये है शहर की संपत्तियों का ब्योरा
नए सर्वे के अनुसार, निगम के अंतर्गत आने वाले एरिया के सभी 26 वार्डों में 307 कॉलोनियों हैं। इनमें करीब 1.70 लाख प्रॉपर्टी हैं। इनमें से रिहायशी करीब 45 हजार, व्यावसायिक करीब 12 हजार, औद्योगिक करीब चार हजार, शैक्षणिक करीब 1250, खाली प्लाट करीब 31 हजार, मिक्स यूज करीब 48 हजार और स्पेशल कैटेगरी की 1505 संपत्तियां शामिल हैं।
निगम ने टैक्स रिकवरी को लेकर लगाई दो एजेंसी
प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी को लेकर निगम ने दो एजेंसी लगाई हैं। एक एजेंसी लोगों के बिल ठीक करेगी और दूसरी एजेंसी लोगों को टैक्स रिकवरी के नोटिस बांटेगी। वहीं, बकायदारों को नोटिस देने के बाद जल्द ही सीलिंग कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। निगम का ज्यादा से ज्यादा टैक्स वसूल करने का प्रयास रहेगा।
शहर की त्रुटिपूर्ण संपत्तियों के डाटा को याशी कंपनी की ओर से दुरुस्त करवाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए चार जगहों पर कार्यालय तक बनाए गए हैँ। यहां ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर अपनी आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकती है। -जितेंद्र सिंह, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।