पानीपत। संपत्ति कर का मूल्यांकन संबंधी बिल बांटने गए एजेंसी के कर्मियों पर शहरवासियों ने वसूली का आरोप लगाया है। शनिवार को वार्ड -15 स्थित शिव नगर और कृष्णपुरा कॉलोनी में शिकायत पर मौके पर पहुंचे पार्षद के पति ने एक कर्मी को पकड़ भी लिया। मामले में कार्रवाई के लिए नगर निगम एवं एजेंसी के उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है।
दोपहर करीब 12 बजे याशी एजेंसी के दो कर्मी शिव नगर और कृष्णपुरा कॉलोनी में पहुंचे। यहां कुछ लोगों को बिल देने के दौरान उनकी आवासीय संपत्ति को व्यावसायिक करने की धमकी देने लगे। आरोप है कि पहले पांच हजार और फिर दो हजार रुपये देने की मांग की। इसका पता लगने पर जब पार्षद सुमन छाबड़ा के पति अशोक छाबड़ा पहुंचे और एक कर्मी को पकड़ लिया। इसके बाद कर्मी माफी मांगते हुए मौके से भाग गए। जल्दबाजी में वे मौके पर कई बिल तक छोड़ गए।
अशोक छाबड़ा ने इस मामले की शिकायत निगम अधिकारियों, याशी एजेंसी के पदाधिकारियों को दी है। याशी ने दोनों कर्मचारियों को निकालने का दावा किया है। उधर, वरिष्ठ उपमहापौर दुष्यंत भट्ट ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में याशी एवं निगम अधिकारियों से लेकर मुख्यालय तक बात करेंगे।
कार्रवाई के लिए लिखेंगे
मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और अवैध वसूली करने वाले कर्मचारियों को पकड़ा। एक ने अपना नाम अमित व दूसरे ने साहिल बताया। दोनों ने इसके लिए माफी मांगी। इसी दौरान एक कर्मचारी मौके से फरार हो गया दूसरे की फोटो लेकर याशी और निगम अधिकारियों को भेज दी गई है। अब इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए निगम आयुक्त को लिखा जाएगा। - सुमन छाबड़ा, पार्षद, वार्ड - 15
दोनों कर्मचारियों को निकाला
बिल बांटने वाले कर्मचारियों की ओर से पैसे मांगने का प्रकरण संज्ञान में आ चुका है। संबंधित दोनों कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। यह निशुल्क प्रक्रिया है। - सुभाष जैन, प्रोजेक्ट मैनेजर, याशी एजेंसी
होगी सख्त कार्रवाई
मामला संज्ञान में है। याशी व निगम अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। इस मामले की रिपोर्ट सरकार और आला अधिकारियों को देकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार के प्रकरण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। - दुष्यंत भट्ट, वरिष्ठ उप महापौर, पानीपत।