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Panipat News: पानीपत में 1894 से हर साल निकाली जा रही रथयात्रा

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पानीपत। ओडिसा जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर 1894 में पानीपत में शुरू भगवान जगन्नाथ रथयात्रा अपना इतिहास संजोए हुए है। रथयात्रा 1918 में आई महामारी और फिर बंटवारे और आपातकाल में भी नहीं रुकी। कोरोना काल में जब हर किसी को अपनी जान की चिंता पड़ी थी, उस समय भी मंदिर प्रबंधन ने परंपरा बनाए रखने के लिए भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली थी। इस बार 130वीं रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ के साथ बलराम और सुभद्रा नगर भ्रमण को निकलेंगे। रथयात्रा के दौरान प्राचीन सिद्ध श्री देवी मंदिर में नारियल चढ़ाने का रिवाज भी है।
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श्री जगन्नाथ मंदिर पंचायत अग्रवाल वैश्य पानीपत के प्रधान राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि लाला बलदेव दास कंसल समेत कई सदस्य 1890 में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने ओडिसा जगन्नाथ पूरी गए थे। उन्होंने वहां की यात्रा में भाग लिया और काफी प्रभावित हुए। उन्होंने 1894 में पानीपत में पहली यात्रा निकाली। यह जगन्नाथ मंदिर से देवी मंदिर तक पहुंची। इसके बाद हर साल यात्रा निकाली जा रही है।
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देश के विभाजन व कोराेना काल में भी निकाली यात्रा
प्रधान राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि यात्रा में हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। रथयात्रा की खासियत है कि जिला में हर साल जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा निकाली जाती है। 1918 में महामारी, 1947 में देश विभाजन और 1975 में इमरजेंसी में भी रथयात्रा को निकाला गया था। कोरोना काल में परंपरा को बनाने के लिए पदाधिकारियों ने भगवान जगन्नाथ की गाड़ी यात्रा निकाली थी।
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भगवान जगन्नाथ के साथ उनका रथ होगा आकर्षक
रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ और उनका रथ आकर्षण का केंद्र होंगे। रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ बलराम और सुभद्रा विराजमान होंगी। रथ को कोलकाता के फूलों और लाइटों से सजाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली और यूपी के दो बैंड और करीब छह झांंकी शामिल की जाएंगी। जगन्नाथ मंदिर से यह यात्रा सायं चार बजे शुरू की जाएगी। इससे पहले एक घंटे का पूजन किया जाएगा। रथयात्रा अमर भवन चौक, राजपूताना बाजार, गुड़ मंडी, मुख्य बाजार, कलंदर चौक, वीर भवन चौक, जगन्नाथ विहार व माईजी कॉलोनी से होते हुए देवी मंदिर में पहुंचेंगी। यहां माता को नारियल भेंट किया जाएगा। यहां पूजा अर्चना कर रथयात्रा फिर शुरू होगी। यह सलारगंज गेट, हलवाई हट्टा, गुड़ मंडी व अमर भवन चौक से होते हुए देर रात को जगन्नाथ मंदिर में पहुंचेंगी। यहां भंडारा के साथ रथयात्रा का समापन होगा।
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