फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आसमान से बरसी आफत

Fri, 11 Oct 2013 11:28 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत में तेज हवा के साथ शुक्रवार को तीन घंटे की बारिश किसानों के लिए आफत बन गई। करीब 9.7 किलोमीटर की गति से चली तेज हवा के साथ 14.4 एमएम बारिश ने धान की फसल को बिछा दिया।
विज्ञापन


वहीं, इस मौसम में बारिश होने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ने के खतरे बढ़ गए। शहर में बारिश ने गली और सड़कों पर पानी जमा हो गया और जाम नाले और नालियों की पोल खुल गई। धान की फसल गिरने से होने वाले नुकसान को देखकर किसानों के चेहरे उतर गए। कृषि विशेषज्ञों ने भी मौसम के लगातार खराब रहने से इसके साफ संकेत भी दे दिए।

शुक्रवार सुबह ही मौसम एक साथ बदल गया और काली घटा उठ गई। कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह उठते ही लोग मौसम के बदले रूप को देखकर हैरान रह गए और लोगों ने सामान को सुरक्षित रखना शुरू कर दिया। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई बारिश तीन घंटे तक लगातार चली। इससे ठंड के साथ लोगों की दिक्कत भी बढ़ गई।
विज्ञापन


धान की फसल बुरी तरह से गिरी
इस बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ। बारिश और तेज हवा से धान की फसल गिर गई। कृषि विभाग की माने तो इस बार जिले में 75 हेक्टेयर में धान की रोपाई की थी और फसल को देखकर उत्पादन रिकार्ड बढ़ने की पूरी उम्मीद थी। जिले में बासमती या अगैती किस्मों की रोपाई की गई थी और ये किस्म पकने के नजदीक थी और किसान भी इसकी तैयारी में लगे थे।

पहले बीमारी और फिर बारिश
बारिश के एक झटके में धान गिरने पर किसानों के सारे सपनों को तोड़ दिया। किसान धान की फसल में पहले बीमारी और अब बारिश से चिंतित हैं। किसान महाबीर और हवासिंह ने बताया कि इस बार धान की रोपाई के समय से परेशानी आनी शुरू हो गई थी। वे बड़ी मुश्किल से फसल को तैयार कर पाए थे और गत दिनों फसल में कई तरह की बीमारी आ गई।

और हो सकती है बूंदाबांदी
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अगले 24 घंटों में बूंदाबांदी हो सकती है। शुक्रवार को 14.4 एमएम बारिश हुई और हवा की गति 9.7 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। शुक्रवार का अधिकतम तापमान 26.0 और न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस रहा। वायु का दबाव सुबह 22.6 एमएम और दोपहर के बाद 17.7 एमएम रहा।

बीमारी का खतरा बढ़ा
मौसम की आखिरी बारिश से धान की फसल मेें बीमारी का अंदेशा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. आजाद सिंह दहिया ने बताया कि इससे हॉपर बीमारी आ सकती है। इसके अलावा बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया और डायरिया के खतरे बढ़ जाएंगे। आईएमए, पानीपत की पूर्व प्रधान डॉ. ऋतु मलिक ने बताया कि इस मौसम में पहले ही बीमारी चल रही हैं।

शहर के नालों की फिर खुली पोल
नगर निगम के सफाई और पानी निकासी के प्रबंधों की हवा कुछ देर चली बारिश में निकल गई। नाली और नाले ठप रहे और गली और सड़कों पर पानी जमा हो गया। कई कॉलोनीवासियों को कई घंटे तक जमा पानी से परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें