यमुना में मिट्टी के कट्टे लगाते लोग। संवाद
सनौली। पहाड़ों में भारी बारिश के बाद पानीपत में जलस्तर बढ़ने से यमुना टापू पर बसे रहीमपुर खेड़ी गांव का संपर्क कट गया है। जिससे ग्रामीणों का आना-जाना भी बंद हो गया है। लोग जरूरी काम होने पर ट्यूब के सहारे तैरकर इस पार आ रहे हैं। यमुना में शुक्रवार को जलस्तर कुछ कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार यमुना में जलस्तर पिछले तीन दिन चेतावनी बिंदू के आसपास बह रहा था। जिससे रहीमपुर खेड़ी गांव का संपर्क पूरी से कट गया था। लोगों को ट्यूब के सहारे तैरकर आने-जाने में खतरा महसूस होने लगा था। अब तीन दिन बाद यमुना के जल स्तर में कमी आने पर रहीमपुर खेड़ी के लोगों का ट्यूब के सहारे तैरकर मिर्जापुर व बापौली घरेलू सामान लेने पहुंचे। रहीमपुर खेडी छोटा सा गांव है, जो यमुना के अंदर टापू पर बसा हुआ है। इसी टापू पर मिर्जापुर व रहीमपुर खेड़ी के किसानों की जमीन है। कुछ परिवार टापू पर बसे गांव रहीमपुर खेड़ी में ही रहते हैं। गांव गोयला कलां, मिर्जापर, रहीमपुर खेड़ी के सरपंच अनिल गोस्वामी और स्थानी निवासी प्रमोद, चूहड़ सिंह, सराबा, राजेश, जीला, राम सिंह, प्रेम कुमार का कहना है कि यमुना नदी के अंदर टापू पर बसे गांव रहीमपुर खेड़ी में सैकड़ों घर हैं। यमुना में जलस्तर अधिक होने से इन दिनों परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। अधिक पानी होने से गांव का संपर्क ही कट जाता हैं। उन्होंने कहा कि समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना के सामने पुल बनाने की मांग रखी थी। ताकि लोगों को घर आना-जाना आसान हो जाएं। विधायक ने समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया है।
वर्जन :
यमुना में तीन दिन पानी का बहाव अधिक रहा है। अब पानी कुछ कम हुआ है। सिंचाई विभाग ने किनारों पर मिट्टी के कट्टे लगाना शुरू कर दिए हैं। रहीमपुर खेड़ी गांव यमुना के टापू पर बसा है। ग्रामीणों को यमुना में पानी अधिक होने पर मिर्जापुर गांव में रहने की सलाह दी जाती है। प्रशासन इसके लिए जल्द ही रास्ता निकालेगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
यमुना में मिट्टी के कट्टे लगाते लोग। संवाद