यमुना में मिट्टी के कट्टे लगाते लोग। संवाद
सनौली। हथिनी कुंड बैराज से बुधवार व वीरवार को छोड़ा गया पानी जिले की सीमा पार करके आगे जा चुका है। यमुना का पानी करीब तीन दिनों तक चेतावनी स्तर के आसपास बह रहा था और वीरवार को पानी चेतावनी स्तर से नीचे आना शुरू हो गया था। वहीं शुक्रवार को यमुना में चेतावनी स्तर से करीब तीन फीट पानी कम हो गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। जेई मोहित के अनुसार कटाव वाले स्थान पर पानी करीब 30 फीट गहरा था और मिट्टी के कट्टे भी पानी में ही अंदर जाते रहे। वहीं शुक्रवार को यमुना में पानी कम हुआ तो जेई मोहित की देखरेख बेलदारों व मजदूरों को साथ लेकर करीब एक हजार कट्टे कटाव वाली जगह पर डलवाए हैं।
हालांकि यमुना में कम होने के बाद पानी ने नवादा आर से नवारा पार गांव की तरफ तटबंध के अंदर भूमि का कटाव करना शुरू कर दिया था। इससे यमुना के तटबंध के अंदर कई किसानों के पोपुलर व गन्ने की फसल कटाव होने पर यमुना के पानी में बह गए है। इसी कटाव को रोकने को लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा बेलदारों व मजदूरों से मिट्टी के कट्टे डलवाए गए। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि जेसीबी मशीन व कई ट्रैक्टरों को भी लगाया हुआ है। जिससे कटाव वाले स्थान पर जल्द मिट्टी के कट्टे डाले जा सके। तटबंध थोड़ा बहुत कमजोर लगा तो वहां पर मिट्टी आदि डालकर मजबूत किया गया है।