स्वीटी सांगवान
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में रेबीज के मामले साल-दर-साल बढ़ रहे हैं। एक दिन में करीब 200 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें कुत्ता, बंदर, गिलहरी, घोड़े के काटने वाले भी शामिल हैं। कुत्ते के काटे गए मरीज ज्यादा होते हैं जबकि अन्य के सप्ताह में पांच से छह मामले आते हैं। इनमें से ज्यादातर पालतू कुत्तों के शिकार होते हैं।
रेबीज दिवस 28 सितंबर को मनाया जाता है। लोग आजकल कुत्तों के साथ बिल्ली और अन्य जानवर भी पालने लगे हैं। ऐसे में इनके फायदों के साथ दूसरे कारण भी जान लेना जरूरी है। जिला नागरिक अस्पताल में तीन साल के आकड़ाें को देखें तो कुत्तों के शिकार होने के मामले बढ़े हैं। इनमें आवारा कुत्तों की अपेक्षा ज्यादातर पालतू कुत्तों के मामले हैं। अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी लगभग 200 रहने लगी है। इनमें नए लोग 30 से 35 प्रतिदिन आ रहे हैं। कुत्तों के शिकार हुए ज्यादा आते हैं जबकि अन्य गिलहरी, बिल्ली, घोड़ा के काटने वाले मामले सप्ताह में पांच से छह तक आते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। रेबीज का कोर्स तीन इंजेक्शन में पूरा होता है, जो पहले दिन, सातवें दिन और 21वें दिन लगाया जाता है।
बीपीएल व आयुष्मान कार्डधारकों के नि:शुल्क टीका
जिला नागरिक अस्पताल में बीपीएल व आयुष्मान कार्डधारकों को रेबीज का इंजेक्शन नि:शुल्क लगाया जाता है। इसके लिए पांच रुपये का पंजीकरण करवाना पड़ता है। बिना बीपीएल व आयुष्मान कार्डधारकों को अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए 100 रुपये देने पड़ते हैं। अस्पताल में केवल हरियाणा वासियों का ही बीपीएल व आयुष्मान कार्ड मान्य है। दूसरे राज्यों के कार्ड यहां मान्य नहीं हैं।
साल मामले
2023 24032
2024 39608
2025 अब तक 18000 से ज्यादा
वर्जन :
पहले की अपेक्षा मामले बढ़ने लगे हैं। इनमें ज्यादातर आवारा कुत्तों की अपेक्षा पालतू कुत्तों के शिकार हुए व्यक्ति आ रहे हैं। इसलिए लोगों को सावधानीपूर्वक कुत्तों को अपने घर में स्थान देना चाहिए। जिला नागरिक अस्पताल में रेबीज के लगभग 40 हजार इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
- डॉ. सुनील संदूजा, जिला मलेरिया अधिकारी