पानीपत। तंबाकू और धूम्रपान की लत छोड़कर कई लोगों ने न केवल अपना स्वास्थ्य सुधारा है, बल्कि जीवन को नई दिशा भी दी है। गंभीर बीमारियों और सामाजिक परेशानियों का सामना करने के बाद उन्होंने इन आदतों को त्याग दिया और अब दूसरों को भी तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
ऐसे लोगों के पुनर्वास और नशामुक्ति में जनसेवा दल अपना आशियाना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्था बेघर और जरूरतमंद लोगों को आश्रय देने के साथ-साथ उन्हें तंबाकू और धूम्रपान की लत से भी मुक्त कराने का कार्य कर रही है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आइए मिलते हैं ऐसे लोगों से, जिन्होंने तंबाकू और धूम्रपान को छोड़कर सामान्य और स्वस्थ जीवन अपनाया है।
नशे की वजह से परिवार ने छोड़ा, आशियाना ने दिया नया जीवन
बिशन दास बताते हैं कि पहले वे अपने परिवार के साथ रहते थे, लेकिन गलत संगत के कारण तंबाकू और धूम्रपान के आदी हो गए। उनकी इस आदत से परेशान होकर परिवार ने उनसे दूरी बना ली। ऐसे कठिन समय में जनसेवा दल अपना आशियाना ने उन्हें सहारा दिया। संस्था के सदस्यों ने उन्हें नशा छोड़ने के लिए लगातार प्रेरित किया। तलब लगने पर उन्हें इलायची और चीनी जैसी चीजें दी जाती थीं, जिससे धीरे-धीरे उनकी लत कम होती गई। आज वे पूरी तरह तंबाकू और धूम्रपान से मुक्त हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं।
सांस लेने में होती थी परेशानी, अब हैं पूरी तरह स्वस्थ
हेमराज बताते हैं कि आशियाना में आने से पहले वे लंबे समय तक बीड़ी और तंबाकू का सेवन करते रहे। इसकी वजह से उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी थी। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें अपने परिवार और परिचितों से भी दूर होना पड़ा।
कई वर्षों से जनसेवा दल अपना आशियाना में रह रहे हेमराज ने संस्था के सहयोग से बीड़ी और तंबाकू की लत छोड़ दी। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में काफी सुधार आया। अब वे स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी रहे हैं तथा अन्य लोगों को भी नशे और धूम्रपान से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
बिशन दास। स्रोत : दल