फॉलोअप के लिए आई महिला को दवा लिखती इंटर्न। संवाद
- फोटो : 1
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मोना नागपाल एक जून से एक माह के अवकाश पर हैं, जबकि दूसरे विशेषज्ञ डॉ. गौरव और संबंधित स्टाफ पांच दिवसीय प्रशिक्षण में गए हुए हैं। उनकी ट्रेनिंग शनिवार को समाप्त होगी और वे सोमवार से दोबारा ओपीडी में सेवाएं देंगे। इस बीच नए मरीजों को बिना जांच, इलाज और दवा के ही लौटना पड़ रहा है, जबकि फॉलोअप मरीजों को इंटर्न दवा लिख रहे हैं।
गर्मी के मौसम में सिरदर्द, चक्कर आना, काम का बढ़ता दबाव और नींद पूरी न होने जैसी समस्याओं के कारण मानसिक तनाव के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में मनोरोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 60 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग 20 नए और 40 फॉलोअप मरीज शामिल होते हैं।
एक जून से डॉ. मोना के अवकाश पर जाने और डॉ. गौरव के प्रशिक्षण में होने के कारण नए मरीजों को इलाज और दवा नहीं मिल पा रही है। इससे प्रतिदिन करीब 20 नए मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं फॉलोअप के लिए आने वाले मरीजों को इंटर्न द्वारा दवा लिखी जा रही है, जिससे उन्हें दवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
अस्पताल पहुंची एक महिला मरीज ने बताया कि वह मंगलवार को दवा लेने आई थीं, लेकिन वहां कोई चिकित्सक या सहायक उपलब्ध नहीं मिला। उन्हें बिना जांच और दवा के वापस लौटना पड़ा। शुक्रवार को दोबारा अस्पताल आने पर इंटर्न द्वारा पर्ची लिखे जाने के बाद ही उन्हें फार्मेसी से दवा मिल सकी। उनका कहना है कि यदि मरीज को पहली बार में ही चिकित्सक उपलब्ध हो जाए तो बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
अस्पताल में दो मनोरोग विशेषज्ञ हैं। इनमें से एक अवकाश पर है और दूसरे ट्रेनिंग होने से ओपीडी में नहीं बैठ पा रहे हैं। वे सोमवार को हर रोज ओपीडी में बैठेंगे। मरीजों को समय पर इलाज व दवा दी जाएगी।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।