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Panipat News: बाबरपुर मंडी में प्रॉपर्टी टैक्स व्यावसायिक से बदल घरेलू किया जाएगा, करीब एक हजार परिवारों को मिलेगी राहत

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पानीपत। बाबरपुर मंडी में लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स को व्यावसायिक की बजाय घरेलू किया जाएगा। नगर निगम ने स्थानीय लोगों की 2010 के बाद से लगातार चली आ रही मांग पर अब 26 साल बाद काम किया है। स्थानीय लोगों के बार-बार मांग उठाने के बाद निगम ने मंडी का प्रस्ताव बनाकर भेजने का फैसला लिया है। शहर की सरकार ने हाउस की बैठक में इस पर अपनी मुहर लगा दी है। अब इसकी निदेशालय से मंजूरी ली जाएगी।
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बाबरपुर मंडी में पहले अनाज मंडी थी इसके बाद मंडी को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। लोगों ने यहां अपने मकान बना लिए थे। बाबरपुर मंडी को 2010 में नगर निगम में शामिल कर लिया था। निगम ने मंडी मानकर व्यावसायिक प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेज दिए। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया लेकिन इसका कोई समाधान नहीं किया जा सका। नगर निगम ने छह महीने पहले फिर शिविर लगाया। स्थानीय लोगों ने अपनी समस्या को फिर से दोहराया और घरेलू टैक्स से संबंध में अपने कागज जमा कराए। इसमें अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है इससे करीब एक हजार परिवार प्रभावित हैं।


मामला नंबर-एक
राजेंद्र ने बताया कि मंडी में उनके दो प्लॉट हैं। दोनों का प्रॉपर्टी टैक्स व्यावसायिक के हिसाब से आता है। अब एक प्लॉट का पांच लाख रुपये का बिल दिया गया है। वे घरेलू बिल के लिए डॉक्यूमेंट जमा करा चुके हैं। इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है।
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मामला नंबर-दो
जवाहर सचदेवा ने बताया कि उनकी कपड़े की दुकान है। मंडी में 150 गज का मकान है। इसका करीब छह लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स दिया गया है। वह इतना टैक्स नहीं भर पाएगा। वह नगर निगम को अपने मकान के कागज जमा करा चुका है। उनको नियमानुसार टैक्स का बिल दिया जाए।

मामला नंबर-तीन
अनीष ने बताया कि वह फल की रेहड़ी लगाता है। मंडी में उनका 50 गज का मकान है। उनका पांच लाख रुपये बिल दिया गया है। वह इतना टैक्स नहीं जमा करा सकता। वह घरेलू के लिए अपने कागज जमा करा चुका है। इसका समाधान नहीं किया गया है।


बाबरपुर से मंडी उठ चुकी है। अब यहां लोगों के मकान है। स्थानीय लोग व्यावसायिक प्रॉपर्टी टैक्स को रिहायशी में करने की मांग कर रहे हैं। लोगों की परेशानी जायज है। इसका प्रस्ताव निदेशालय भेजा जाएगा।
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- कोमल सैनी, मेयर।
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