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निजी परमिट के विरोध में रोडवेज ने किया चक्काजाम

Tue, 11 Apr 2017 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो       
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पानीपत। रोडवेज यूनियनों ने निजी प कर सफर करना पड़ा। वहीं यूनियन ने सरकार को फैसला वापस लेने तक चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। यूनियन के सामने आने पर रोडवेज की 82 बस डिपो में बंद हैं और बाकी बसें लंबी दूरी के मार्गों पर चल रही हैं। यूनियन ने चेतावनी दी कि बाकी बसों के भी लौटते ही चक्का पूरी तरह से जाम कर दिया जाएगा।
रोडवेज कर्मियों ने सोमवार शाम को करीब चार बजे डिपो के दोनों गेटों पर ताला लगा दिया और बसों को बाहर जाने पर रोक लगा दी। यूनियन नेताओं ने बाहर से आने वाली बसों को अंदर आते ही बंद करना शुरू कर दिया। यूनियन के चक्का जाम करते ही बस स्टैंड के बाहर सवारियों का जमावड़ा लग गया और यात्रियों को आगे-जाने के लिए बसें नहीं मिल पाईं। रोडवेज की सभी यूनियन एक साथ सरकार के विरोध में खड़ी हो गईं और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान सतीश पंवार ने कहा कि यूनियन लंबे समय से प्राइवेट परमिटों का विरोध कर रही है और सरकार के सामने अपनी मांगों को रख रही है, लेकिन सरकार द्वारा आश्वासनों के बाद भी प्राइवेट परमिट जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज का निजीकरण करना चाहती है, लेकिन यूनियन इसको सहन नहीं करेगी। यूनियन के सचिव चरण सिंह ने बताया कि कमेटी के आदेश आने के बाद गेटों को बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि जो बसें रोडवेज डिपो से बाहर नहीं जाने दी जाएंगी।
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 रोडवेज की 122 बसों में से 82 डिपो में पहुंचीं       
पानीपत रोडवेज डिपो की 134 में बसों में से 122 बसें सोमवार सुबह डिपो से विभिन्न मार्गों पर निकली थीं। शाम तक करीब 82 बसें पहुंच गईं और 40 में से करीब 18 बसे राजस्थान, कटरा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तरफ लंबे रूट पर गई हुई थी। ये बसें मंगलवार सुबह ही वापस आएंगी।

मांगों को लेकर किया प्रदर्शन       
यूनियन के राज्य उप महासचिव रणबीर शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश की जनता के लिए जनता के सरोकार रखने वाले रोडवेज कमाऊ विभाग को निजीकरण के नाम पर बेचना चाहते है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि अगर सरकार जबरदस्ती प्राईवेट गाड़ियों को बस अड्डे में घुसाने की कोशिश की तो रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।      

यात्रियों को हुई परेशानी       
रोडवेज यूनियनों द्वारा चक्का जाम किए जाने के बाद बसें न चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। दूर दराज जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी। वहीं गांवों व अन्यों जिलों में जाने वाले यात्रियों ने प्राइवेट वाहन ऑटो और कैब का सहारा लेना पड़ा है। यात्री कमला और राजकुमारी ने बताया कि उनको पानीपत से सोनीपत जाना था। शाम को एक साथ बसें आनी बंद हो गईं, वे दोनों डिपो में पहुंचीं तो डिपो के गेट पर ताला लगा मिला।
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वर्जन       
रोडवेज यूनियनों ने निजी परमिट दिए जाने के विरोध में चक्का जाम किया है। यूनियन नेताओं को समझाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। मंगलवार को अपने स्तर पर ज्यादा से ज्यादा बसों को भेजने का प्रयास करेंगे।
संजय कुमार, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज डिपो पानीपत।
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