माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम ने शहर में ड्रेन नंबर-1 के साथ कब्जों पर बड़ी कार्रवाई के लिए तैयारी पूरी कर ली। ड्रेन के साथ चिह्नित 237 कब्जों को गिराने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। यह फोर्स बुधवार को सेक्टर-25 मित्तल मेगा मॉल की सड़क से कब्जों को हटाना शुरू करेगा। निगम इस कार्रवाई में एक महीने के लिए एक्सईएन गोपाल कलावत को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया है। निगम ने इसके लिए पर्याप्त पुलिसबल की मांग की है। निगम ने मशीन और अन्य अमले को भी तैयार कर लिया है।
नगर निगम ने ड्रेन नंबर-1 के साथ लगभग पांच किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास बनाने का फैसला लिया है। निगम ने धरातल पर पैमाइश की तो ड्रेन पर करीब 237 कब्जे मिले। संबंधित लोगों हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 408-ए(2) के तहत नोटिस जारी किए थे। निगम ने 16 और 17 जुलाई को देवी मंदिर परिसर में सभी प्रभावित लोगों की व्यक्तिगत सुनवाई की थी। दावे और आपत्तियों का निस्तारण करने के उपरांत नियमानुसार धारा 408-एक के तहत डिमोलिशन ऑर्डर (ध्वस्तीकरण आदेश) जारी किए थे। मेयर कोमल सैनी और निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने इसके लिए मंगलवार को इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें हर विषय पर बारीकी से चर्चा की।
स्पेशल टास्क फोर्स गठित, चरणबद्ध तरीके से होगी कार्रवाई
इस डिमोलिशन कार्रवाई को प्रभावी और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए नगर निगम द्वारा एक विशेष एनफोर्समेंट टीम (स्पेशल टास्क फोर्स) का गठन किया गया है। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी करेंगी। क्षेत्र में कार्रवाई का नेतृत्व करने के लिए एक्सईएन गोपाल कलावत, एक्सईएन नवीन और एक्सईएन सुमित नांदल को जिम्मेदारी सौंपी है। इनके अलावा टीम में संबंधित क्षेत्र के असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार, कानून अधिकारी और अन्य पुलिस व निगम कर्मचारी शामिल रहेंगे। निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने इस कार्रवाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक्सईएन गोपाल कलावत को एक महीने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। यह कार्रवाई 26 अगस्त से मित्तल मेगा मॉल की तरफ से शुरू होकर जीटी रोड तक चरणबद्ध तरीके से चलाई जाएगी।
लोग रजिस्ट्री दिखा रहे
निगम के नोटिस के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। वे अपनी रजिस्ट्री और अन्य जरूरी कागज दिखा रहे हैं। सेक्टर-11-12 से मंगलवार को एक व्यक्ति ने निगम कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज कराई। रमेश कुमार ने बताया कि उनके पास मकान की रजिस्ट्री है। निगम ने इसको अवैध बता दिया है। इनके अलावा हरबीर और दीपक ने बताया कि उनके पास मकान की रजिस्ट्री है। वे अपने दावे और आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई है।
स्वयं कब्जे हटाने की अपील, डिमार्केशन का विकल्प खुला
नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने प्रभावित नागरिकों से अपील की है कि वे प्रस्तावित सड़क निर्माण क्षेत्र में आने वाले अपने अवैध निर्माण या कब्जे स्वयं हटा लें। इससे बुलडोजर कार्रवाई के दौरान होने वाले संभावित वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी संपत्ति की डिमार्केशन (पैमाइश) या निर्धारित क्षेत्रफल को लेकर कोई आपत्ति है तो वह पुन जांच करा सकता है।