कुलदीप राठीसमालखा। नई अनाज मंडी में एक तरफ जहां प्राइवेट एजेंसियों द्वारा 1509 धान की खरीद जारी है, वहीं दूसरी ओर मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। पिछले एक सप्ताह के भीतर मंडी में करीब 5200 क्विंटल 1509 धान की खरीद हो चुकी है। किसानों को 3500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिले हैं।
सरकारी स्तर पर पीआर धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होनी है, लेकिन मंडी एसोसिएशन के अनुसार करीब 15 सितंबर से ही पीआर धान की आवक शुरू होने की उम्मीद है। इसके बावजूद मंडी में तैयारियां अधूरी पड़ी हैं।
मंडी एसोसिएशन के प्रधान बलजीत सिंह रुहल ने बताया कि मंडी की मुख्य सड़कों को छोड़कर कहीं भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। शेडों के नीचे कैरेट के ढेर पड़े हैं, जिनमें सबसे अधिक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के बताए जा रहे हैं। मंडी में लाइटें बंद पड़ी हैं और पेयजल का गहरा संकट बना हुआ है। शुक्रवार को हुई बारिश ने मंडी प्रशासन के दावों की पोल खोल दी, जिससे जगह-जगह जलभराव हो गया और काफी धान भीग गया। संवाद
मंडी में बंद पड़ी लाइटों को जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। शेड के नीचे पड़े कैरेट तुरंत उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी की अन्य सभी व्यवस्थाओं को भी शीघ्र दुरुस्त कर लिया जाएगा। -अनिल कुमार दीक्षित, सचिव, मार्केट कमेटी समालखा।