पानीपत। बापौली थाना क्षेत्र के रसलापुर गांव में नौ माह की गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की नागरिक अस्पताल में सोमवार को मौत हो गई। परिजनों ने स्काईलार्क रोड स्थित एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि कई दिनों से महिला की तबीयत ठीक नहीं थी। चिकित्सक न तो उन्हें बीमारी के बारे में जानकारी दी और ही किसी अन्य अस्पताल में दिखाने दिया। दो दिन बाद जबरन उनकी छुट्टी कर दी थी। सोमवार को हालत फिर से बिगड़ने पर परिजन महिला को लेकर जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। जहां पर उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति सहजाद ने चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। रसलापुर गांव के सहजाद ने बताया कि उसकी पत्नी आबिदा (33) नौ माह की गर्भवती थी। रिश्ते में उसका भाई शहर के निजी अस्पताल में काम करता है। उसी अस्पताल में आबिदा का उपचार चल रहा था। सात जुलाई को वह उसे लेकर अस्पताल आया था। जहां पर चिकित्सक ने उसका अल्ट्रासाउंड किया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सक ने भर्ती करने और ऑपरेशन करने को कहा लेकिन, उस दिन पैसों का इंतजाम नहीं था तो उसने अलग दिन आने की बात कही।
जिसके बाद वह पत्नी को लेकर बापौली में एक अस्पताल में चला गया। जब चिकित्सकों ने उसका ऑपरेशन करने से पहले जांच की तो गर्भ में बच्चे की स्थिति ठीक नहीं मिली। जिस कारण उन्होंने ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया। सहजाद ने फिर अपने भाई से बात की तो उसने तुरंत अस्पताल पहुंचने को कहा। नौ जुलाई को अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने भर्ती कर लिया और जांच की। 12 जुलाई को फिर से उनकी छुट्टी कर दी गई। लेकिन न तो बीमारी और न ही महिला की जांच रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी दी।
जब उसने अपने रिश्ते के भाई से बात की तो उसने भी एक कागज में हस्ताक्षर कराकर मरीज को घर ले जाने को कहा। सोमवार को आबिदा की हालत एक बार फिर बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। जहां पर महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। इस संबंध में बापौली थाना प्रभारी नीरज ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।