मतलौडा। छिछड़ाना गांव के डाकपाल की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने पहले मतलौडा थाने में पहुंचकर गांव के सरपंच पति की गिरफ्तारी की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई न होने से नाखुश परिजनों ने मतलौडा अड्डे पर जींद- पानीपत स्टेट हाईवे जाम कर दिया। धरना देकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। स्टेट हाईवे जाम की सूचना पर मतलौडा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय मौके पर पहुंचे और परिवार को दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस आश्वासन पर परिजनों ने जाम खोला और अपने घर चले गए।
छिछड़ाना गांव निवासी शिमला देवी ने बताया था कि उसके पति विजय डाक विभाग में डाकपाल के पद पर कार्यरत था। वह सुताना गांव में तैनात था। पति पिछले कई दिनों से मानसिक परेशान चल रहा था। पूछने पर पति ने बताया था कि सरपंच पति अनिल उसे ब्लैक मेल कर रहा है और बार-बार पैसे मांग रहा है। 25 अक्टूबर को पति ड्यूटी पर गया था। जिसके बाद अनिल घर आया और उसने कहा कि विजय को कहना कि रुपये दे देगा। पति शाम को घर नहीं आया। उन्होंने फोन किया, लेकिन फोन स्वीच ऑफ मिला। 26 अक्तूबर को फोन मिलाया तो पुलिस ने फोन उठाया। जिसने बताया कि पति का शव गांव अहर से अलूपुर जाने वाले रास्ते पर जंगल में मिला है। आरोप है कि अनिल का उसके पति की मौत में शामिल है। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और आत्महत्या के मजबूर करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।