पानीपत। गर्मी में यमुना नदी, नहरों, वाटर चैनल व रजवाहों में नहाते समय हादसों को रोकने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। प्रशासन ने यहां धारा 144 लगा दी है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति इनमें नहा नहीं सकेगा। इसके साथ पुलिस की भी ड्यूटी रहेगा। पुलिस ऐसे स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग करेगी। कोई व्यक्ति आदेशों का उल्लंघन करते मिला तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज ने वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की और इसको लेकर आवश्यक निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बच्चे अक्सर गर्मी में राहत के लिए नदियों में नहाने के लिए घर से निकल जाते है व तैरने के अभाव में दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। पिछले दिनों कई दुर्घटना हो चुकी हैं। इनको रोकने के लिए जिले में तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू कर दी गई है। कोई भी बच्चा अगर बड़ी नहरों में नहाता हुआ मिलता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यहां पुलिस भी पेट्रोलिंग करेगी। इस मौके पर सिंचाई विभाग एक्सईएन सुरेश सैनी व जनस्वास्थ्य के एक्सईएन संजय शर्मा मौजूद रहे।
अमर उजाला ने प्रमुख से उठाया था मामला
नहरों में नहाने से लगातार हादसे हो रहे थे। इसके बाद भी युवा नहरों में लगातार छलांग लगा रहे थे। अमर उजाला ने 25 मई को गर्मी से निजात को युवा लगा रहे मौत की डुबकी हेडिंग के साथ समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी भी इस पर नजर रखेंगे। अधिकारियों ऐसे चैनल और पुलों की रिपोर्ट भी दी है। जहां पर बच्चे व युवक नहा रहे हैं। हम बता दें कि छोटे बच्चे भी सुबह ही नहाने को निकल जाते हैं।
एक तरफ यमुना, दूरी तरफ दो नहर
जिले में पूर्वी दिशा में यमुना नदी है। यह हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर बह रही है। यहां युवा सुबह ही नहाने लग जाते हैं। शहर की पश्चिमी दिशा में दिल्ली पैरलल नहर समेत दो नहर हैं। अब दोनों नहरों में पानी है। ये दोनों नहर रिफाइनरी से लेकर ढिंडार गांव तक पानीपत में करीब 35 किलोमीटर बहती हैं। हर पुल पर युवक सुबह से देर शाम तक नहाते हैं। इनके अलावा इनके साथ लगते राजवाहों में भी युवा सुबह की गोते लगाने शुरू कर देते हैं।