माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कॉलोनाइजर व बैंक के प्रबंधक के साथ एक फाइनेंसर पर कार्रवाई की गई। मंत्री रणबीर गंगवा ने शहर की परशुराम कॉलोनी केशी चौक के मामले में कॉलोनाइजर और बैंक के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दोनों को इसका रास्ता निकालने के लिए दो दिन का समय दिया है।
मंत्री ने इस दौरान बैंक अधिकारी और कॉलोनाइजर को आमने-सामने किया। इसमें कॉलोनी काटने के समय बैंक द्वारा लोन नहीं दिखाया सामने आया। एक अन्य मामले में एक फाइनेंसर के 10 लाख ब्याज पर देकर 12 लाख वसूलने और मकान की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के मामले में कार्रवाई की।
मंत्री ने फाइनेंसर के घर से निकाली महिला को पुन: मकान में रखने और फाइनेंसर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक वीरवार को जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर आयोजित की। लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में 14 शिकायतें रखी। इनमें से नौ शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं पांच मामलों में अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
रामफूल वासी परशुराम कॉलोनी की शिकायत सातवीं रही। उनके प्लॉट की रजिस्ट्री का मामला रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका 60 गज का मकान है। उनको प्लाट लेते समय कॉलोनाइजर ने जमीन पर लोन की बात नहीं बताई। अब बैंक उनसे रिकवरी करने आ रहा है और ऐसा न करने पर जमीन कुर्क की बात कही जा रही है। मंत्री ने निर्देश दिए कि यदि दो दिन के भीतर आपसी समझौता नहीं होता है तो संबंधित बैंक और कॉलोनाइजर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए। एक शिकायत होशियारी देवी वासी नौल्था की रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन की वसीयत धोखे से अपने नाम करवा ली गई। मंत्री ने मामले की जांच के निर्देश दिए। अन्य शिकायत में रमेश निवासी देसराज कॉलोनी की आयुष्मान योजना के तहत उपचार में लापरवाही से संबंधित थी। मंत्री ने इसक समाधान कराया। इस दाैरान शहरी विधायक प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा मौजूद रहे।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपना पक्ष रखते बैंक अधिकारी। संवाद- फोटो : अंडर-14 योग में सेंट थेरेसा कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रथम