पानीपत। पुलिस अधीक्षक के रात को निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर तीन थाना प्रभारियों पर कार्रवाई के बाद भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया है। शहर में दिन ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में लोगों को अपनी जान की चिंता सताती है। सर्दी के मौसम में रात लंबी होने पर चोरी और झपटमारी की वारदात और बढ़ गई हैं। पुलिस अधिकारी आदेशों के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करने की बजाय उसी चाल में चल रहे हैं।
दिन की चहल-पहल के साथ पुलिस की सक्रियता भी सड़क और चौक चौराहों पर नजर आती है। लालबत्ती, गोहाना रोड और संजय चौक समेत अन्य व्यस्त चौक पर पांच से छह पुलिसकर्मी और होमगार्ड के जवान तैनात रहते हैं। वहीं यातायात पुलिस सर्विस लेन पर अवैध रूप से खड़े दोपहिया और दूसरे वाहनों को उठा लेती है। शाम होने पर इन चौराहों पर सन्नाटा पसरना शुरू हो जाता है। ईआरवी भी कहीं नजर नहीं आती। अमर उजाला ने शुक्रवार और शनिवार रात को पड़ताल की तो शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी तक नजर नहीं आए।
मौका नंबर एक
लालबत्ती पर नहीं कोई पुलिसकर्मी
जीटी रोड का लालबत्ती चौक सबसे व्यस्त चौक है। यहां दिन के समय दोनों तरफ करीब 10 जवान तैनात रहते हैं। ये यातायात सुचारु रखने के साथ सुरक्षा का भी जिम्मा संभाले रहते हैं। शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। रात को 10 से 11 बजे यहां कोई पुलिसकर्मी नजर तक नहीं आता। असंध, जींद और हिसार जाने वाले लोग यहां से देर रात को वाहनों में लिफ्ट लेकर बैठते हैं। ऐसे में आसपास कोई ईआरवी भी तैनात नहीं होती है। सफीदाें निवासी अनिल ने बताया कि वह दिल्ली से आया है। यहां आधे घंटे से वाहन आने का इंतजार कर रहा है। यहां कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया है।
मौका नंबर दो
असंध नाका सबसे मुख्य चौराहा है। यहां से रिफाइनरी और नेफ्था क्रेकर को मुख्य सड़क जाती है। इस सड़क पर पूरी रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा सफीदों व जींद से शहर में दाखिल होने की मुख्य सड़क है। पुलिस नाका होने के बाद भी यहां रात करीब नौ बजे ही पुलिसकर्मी जाना शुरू हो जाते हैं। रात 10 से 11 बजे तक नाके पर सन्नाटा पसर जाता है। जींद निवासी राममेहर ने बताया कि वह यहां से अक्सर किसी वाहन में लिफ्ट लेकर अपने गंतव्य को जाता है। उसको यहां कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आता और न ही ईआरवी मिलती है।
मौका नंबर-तीन
दो थानों के भवन एक साथ, यहां भी सुरक्षा जीरो
शहर और तहसील कैंप के थाना परिसर जीटी रोड पर हैं। यहां थानों के आसपास ही नहीं दूर तक भी कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं है। तहसील कैंप थाने का मुख्य गेट तो बंद रहता है। थाना शहर के गेट से ही होकर तहसील कैंप थाना में पहुंचना पड़ता है। ऐसे में दोनों थानों के मुख्य गेट पर भी शाम होते ही सन्नाटा पसर जाती है। यहां शनिवार रात नौ बजे कोई पुलिसकर्मी तक नजर नहीं आया।
मौका नंबर-चार
पुराना हरिद्वार रोड पर बलजीत नगर नौका सबसे मुख्य केंद्र है। यहां से पूरी रात उत्तर प्रदेश की तरफ वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। बलजीत नगर नाका पर शनिवार रात को सवा नौ बजे सन्नाटा मिला। यहां वाहन चालक अपने हिसाब से चल रहे थे। उत्तर प्रदेश को शहर से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर सुरक्षा की अनदेखी बरती जा रही है।
वर्जन :
पुलिस थानों का निरीक्षण किया गया था। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित थाना प्रभारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। इसके साथ सुरक्षा एवं व्यवस्था बेहतर करने के आदेश थे। इसके बाद भी कमी मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
लोकेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक।