पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के बाद अब सभी सामुदायिक केंद्रों में भी फिजियोथैरेपी सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए मुख्यालय की ओर से समालखा अस्पताल, नौल्था, ददलाना, खोतपुरा, अहर, बापौली व मतलौडा सामुदायिक केंद्र को एक एक लाख का बजट मिला है। इस बजट से सभी केंद्रों के लिए मशीनें खरीदी गई हैं।
उल्लेखनीय है कि चुनाव के बाद इन केंद्रों के लिए एक एक फिजियोथैरेपिस्ट की भर्ती होगी। यहां नई सेवाएं शुरू होने से लोगों को फिजियोथैरेपी के लिए जिला नागरिक अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेेंगे। उन्हें उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही यह सुविधाएं मिल जाएंगी। फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल में 2021 से यह सेवा चल रही है। यहां प्रतिदिन की ओपीडी 100 से अधिक है।
फिजियोथैरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल के लिए पांच लाख रुपये का बजट मिला है। उसमें कुछ बड़ी मशीनें खरीदी जा रही हैं। सामुदायिक केंद्रों के लिए कंधा, घुटना, बाजू की मोम से सिकाई के लिए मशीन खरीदी गई है। इसके अलावा फिजियोथैरेपी में काम आने वाला एक एक किलोभार भी खरीदा गया है। टैंस और अल्ट्रासोनिक मशीन भी हर जगह उपलब्ध कराई जाएंगी। पिछले कुछ सालों में फिजियोथैरेपी का चलन बहुत अधिक बढ़ा है। यह इलाज की बहुत प्रभावी पद्धति है। सबसे अधिक फिजियोथैरेपी के रोगी वह लोग मिल रहे हैं जो कई कई घंटे कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। उनके कमर व कंधों में दर्द की शिकायतें अधिक होती हैं।
स्वास्थ्य विभाग सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सिजेरियन डिलीवरी शुरू करने का भी प्रयास कर रहा है। फिलहाल 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी की सुविधा है लेकिन सिजेरियन सिर्फ जिला नागरिक अस्पताल व समालखा अस्पताल में ही होती है। बाहरी क्षेत्रों से गर्भवतियों को सिजेरियन डिलीवरी के लिए पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल में लाना पड़ता है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ऑपरेशन थियेटर बनाने का काम चल रहा है।
वर्जन-
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल के साथ साथ दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों में भी सेवाएं बढ़ाई जा रही है। लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही सेवाएं मिले, ऐसा उनका प्रयास है। धीरे धीरे कई नई सेवाएं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू की जाएगी।