जिला सचिवालय तहसील में रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग। संवाद
पानीपत। तहसीलदारों की हड़ताल से प्रभािवत हुआ काम वीरवार को सुचारू रूप से हुआ। इस दौरान दूर-दराज से आए लोगों ने राहत महसूस की। वीरवार को जिले की पांचों तहसीलों में 117 रजिस्ट्री हुईं, जिससे विभाग को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, इसके साथ ही प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज भी बने।
पटवारी और कानूनगो दो फरवरी को हड़ताल पर चले गए थे, इसके चलते डोमिसाइल, प्रमाणपत्र और जमाबंदी समेत अन्य कार्य बंद हो गए थे। पटवारी और कानूनगो की मांगों को मान लिया गया था। जिस कारण वह पांच फरवरी को हड़ताल से लौट आए थे, लेकिन इसके बाद तहसीलदार हड़ताल पर चले गए, जिस कारण जिले की सभी पांचों तहसील पानीपत, इसराना, बापौली, समालखा और मतलौडा में कोई काम नहीं हो सका था। मंगलवार तक 720 से अधिक रजिस्ट्री अटक गईं थीं, जिससे राजस्व विभाग काफी नुकसान हुआ, साथ ही लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को पंचकूला में हुई बैठक में तहसीलदारों की मांगों को भी मान लिया गया, इसके बाद बुधवार से सभी तहसीलदार काम पर लौट आए हैं। बुधवार को जिले की सभी तहसीलों में सुबह से ही रजिस्ट्री शुरू हो गई जिस कारण सुबह से खासा भीड़ नजर आई। पानीपत के नायब तहसीलदार सौरभ का कहना है कि यूनियन की मांगों को मान लिया गया है। बुधवार को सभी काम पर लौट आए और दिनभर में 117 रजिस्ट्री हुई।