संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जलालपुर गांव की 22 वर्षीय पारुल वॉलीबॉल में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। जिला, राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी पारुल अब तक कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। उन्होंने जिला स्तर पर करीब आठ स्वर्ण, राज्य स्तर पर करीब 10 स्वर्ण और आठ रजत पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वह भारत का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं।
पारुल ने बताया कि वह कई वर्षों से वॉलीबॉल का अभ्यास कर रही हैं। वह किसान परिवार से हैं। उनके पिता मित्रपाल खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि मां रीटा गृहिणी हैं।
खेल के सफर में परिवार और कोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। माता-पिता ने उनकी जरूरतों का हमेशा ध्यान रखा और खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका सपना है कि बेटी वॉलीबॉल के क्षेत्र में गांव के साथ देश का नाम भी रोशन करे। पारुल कई वर्षों से कोच सन्नी के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कोच के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। वह रोज सुबह-शाम घंटों अभ्यास करती हैं और खेल में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं।
कोच सन्नी ने बताया कि पारुल ने अपनी मेहनत के दम पर वॉलीबॉल में अच्छी पहचान बनाई है। वह अभ्यास को लेकर हमेशा गंभीर रहती हैं और नियमित रूप से सुबह-शाम मेहनत करती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का खेलों में आगे बढ़ना दूसरी युवतियों के लिए भी प्रेरणा है। अब महिलाएं विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी पहचान बना रही हैं।