एससीईआरटी ने शुरू किया डिजिटल टीचर कोर्स ऑन एआई बेसिक्स फॉर प्राइमरी टीचर्स
शिक्षकों को तकनीक के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल की दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से प्राथमिक शिक्षकों को एआई तकनीक की जानकारी देने के लिए विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिले के सभी प्राथमिक शिक्षकों को 10 अक्तूबर तक ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्रशिक्षण प्रक्रिया 30 अक्तूबर तक चलेगी।
‘डिजिटल टीचर कोर्स ऑन एआई बेसिक्स फॉर प्राइमरी टीचर्स’ के लिए शिक्षकों को जारी गूगल फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। एससीईआरटी ने डायट प्राचार्य, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एआई के मूलभूत ज्ञान के साथ कक्षा शिक्षण में इसके उपयोग की जानकारी दी जाएगी। तकनीकी समस्या आने पर शिक्षकों की मदद करने और कोर्स पूरा होने के बाद प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक सहायता उपलब्ध कराने के लिए ब्लॉक स्तर पर समन्वयकों की जिम्मेदारी तय की गई है।
विद्यार्थियों के मूल्यांकन में भी मददगार होगी तकनीक
अलग-अलग सीखने की क्षमता वाले विद्यार्थियों के लिए एआई की मदद से व्यक्तिगत शिक्षण योजना तैयार की जा सकेगी। कक्षा की दैनिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति और उनके मूल्यांकन को व्यवस्थित करने में भी एआई उपयोगी साबित हो सकती है। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल विकसित करने के लिए भी शिक्षक इसका उपयोग कर सकेंगे।
कम समय में तैयार होगी रोचक शिक्षण सामग्री
एआई के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल से शिक्षक कम समय में विद्यार्थियों के लिए कहानियां, वर्कशीट और अन्य शिक्षण सामग्री तैयार कर सकेंगे। विद्यार्थियों की उम्र और सीखने के स्तर के अनुसार गतिविधि आधारित एवं मनोरंजक पाठ योजनाएं तैयार करने में भी यह तकनीक मददगार होगी। इससे शिक्षकों को नियमित शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
वर्जन-
प्राथमिक शिक्षकों को एआई तकनीक की बुनियादी जानकारी देना समय की जरूरत है। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कक्षा शिक्षण में एआई का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जा रहा है।
अनिल मलिक, एफएलएन समन्वयक, पानीपत।