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Panipat News: पानीपत के कंबल ने मोहा सबका मन, रोज उत्पादित हो रहा एक हजार टन

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पानीपत। सर्दी के मौसम में पानीपत का कंबल और रजाई देश के हर कोने के व्यक्ति का मन मोह रहे हैं। यहां का मिंक कंबल हर किसी की पहली पंसद बना हुआ है। पानीपत का कंबल चीन के कंबल को कड़ी टक्कर दे रहा है। पानीपत की कंबल मार्केट में प्रतिदिन का व्यापार पांच-छह करोड़ के बीच है। दिसंबर में लगभग दो अरब का कंबल व्यापार रहा है। पानीपत के लगभग 120 उद्योगाें में प्रतिदिन एक हजार टन कंबल का उत्पादन हो रहा है। पानीपत में तमिलनाडू , असम, गुजरात, ओडिशा, बिहार, पश्चिमी बंगाल तक के खरीदार आ रहे हैं। इसको लेकर दुकानदारों में भी खासा उत्साह है। कंबल व रजाई की मांग बढ़ने से कंबल के रेट में भी उछाल है।
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पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोग पानीपत कंबल के सबसे बड़े खरीदार हैं। शिमला, धर्मशाला , चंपा, मंडी, ऋषिकेश, श्रीनगर, कुल्लू व मनाली में पानीपत का कंबल सबसे अधिक बिक रहा है। पर्यटन क्षेत्रों में रहने वाले लोग पानीपत से कंबल खरीदकर ले जाते हैं वहां दुकान लगाकर बेचते हैं। यह उनकी आय का मुख्य साधन भी बन चुका है। अब पानीपत कंबल के साथ साथ रजाई भी बना रहा है। जो कंबल की तरह ही पसंद की जा रही है। अब पानीपत में कंबल की मुख्य मार्केट गोहाना रोड की ओर शिफ्ट हो गई है ताकि खरीदार को यहां आने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


कंबल वैरायटी के अनुसार रेट-

फ्लैनो : 275 से बढ़कर 310 रुपये किलोग्राम

सुपर सोफ्ट : 200 से बढ़कर 250 रुपये

क्लाउडी : 240 से बढ़कर 300 रुपये

मिंक कंबल : 175 से 250 रुपये

चीन के कंबल को टक्कर दे रहा पानीपत का कंबल-
चीन का कंबल सस्ता होने के कारण बिकता था। अब पानीपत के उद्यमी भी अत्याधुनिक मशीनों से कंबल बना रहे हैं। इसमें लागत कम आ रही है। इसलिए यहां निर्मित कंबल सस्ता बिक रहा है। चीन के कंबल के मुकाबले पानीपत के कंबल की मांग अधिक है। पानीपत का कंबल हर क्षेत्र में चीन के कंबल को टक्कर दे रहा है।
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महंगी हुई फाइबर की रजाई

पानीपत में रोजाना एक हजार टन कंबल का उत्पादन हो रहा है। सर्दी के कारण रजाई की मांग भी अच्छी चल रही है। फाइबर की रजाई 100 रुपये महंगी हो चुकी है। इन दिनों फाइबर की रजाई अधिक मांग है। 800 रुपये वाली रजाई का भाव एक हजार रुपये तक पहुंच गया है।

वर्जन-
कंबल मार्केट के प्रधान अशोक नारंग ने बताया कि पानीपत का कंबल पूरे देश में मशहूर है। विदेशों में भी यहां से कंबल निर्यात किया जाता है। पानीपत में देश के हर कोने का व्यक्ति कंबल लेने आता है। प्रतिदिन पांच से छह करोड़ रुपये के कंबल की बिक्री हो रही है।
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