फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: पानीपत बना पानीपथ... जीटी रोड बाधित

विज्ञापन
पानीपत अनाज मंडी में पानी में पड़ी एजेंसी की खरीदी धान की बोरी। संवाद - फोटो : samvad
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। आश्विन महीने में वीरवार को सुबह तेज हवा के साथ करीब एक घंटे सावन जैसी मूसलाधार बारिश हुई। बेमौसमी बारिश ने जिला प्रशासन और नगर निगम के तमाम दावों की पोल खोल दी है। वीरवार को सुबह आठ बजे शुरू हुई भारी बारिश के कारण औद्योगिक नगरी पानीपत जलमग्न हो गई। शहर के मुख्य जीटी रोड पर जलभराव के चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया और करीब सात घंटे तक मार्ग बंद रहा। पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक मंडियों और खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह हुए जलभराव से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आया।
जीटी रोड पर जलभराव से लगा महाजाम, 200 वाहन खराब और 500 फंसे
बारिश के कारण शहर के मुख्य जीटी रोड पर संजय चौक, खादी आश्रम और सिवाह बस स्टैंड के बाहर चार से पांच फीट तक पानी भर गया, जिससे यह मार्ग ड्रेन में तब्दील हो गया। हालात इतने बदतर हो गए कि जीटी रोड पर यातायात करीब सात घंटे तक बाधित रहा। पुलिस प्रशासन को भारी वाहनों और अन्य ट्रैफिक को एलिवेटेड हाईवे से डायवर्ट करना पड़ा। यहां तक कि ई-बसें भी शहर में नीचे नहीं आ सकीं और उन्हें एलिवेटेड हाईवे से ही क्रॉस कराया गया। खादी आश्रम के नजदीक पानी में फंसकर करीब 200 वाहन खराब हो गए, जबकि लगभग 500 वाहन भीषण जाम में फंसे रहे। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को पुलिस की टो-वैन की मदद से निकालकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, दोपहर के समय स्कूल की बसें जलभराव में फंस गईं, जिसके चलते अभिभावकों को अपने बच्चों को पानी के बीच से कंधे पर उठाकर घर ले जाना पड़ा।
विज्ञापन

मंडियों में भीगा एक लाख क्विंटल धान, किसानों के प्रयास रहे नाकाम
धान कटाई के सीजन के बीच हुई इस बेमौसमी बारिश ने किसानों और आढ़तियों की कमर तोड़ दी है। पानीपत समेत जिले की छह प्रमुख अनाज मंडियों में खुले में रखा करीब एक लाख क्विंटल धान भीग गया। किसानों द्वारा धान को बचाने के लिए तिरपाल से ढकने के तमाम प्रयास बेअसर साबित हुए। बलाना गांव के किसान प्रदीप ने बताया कि वे 10 दिन पहले पीआर धान लेकर मंडी आए थे, जिसमें से कुछ बिका था बाकी खुले में पड़ा था, जो बारिश में पूरी तरह भीग गया। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि मंडियों में जल निकासी के कोई प्रबंध नहीं हैं। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

खेतों में धान के साथ गन्ने की फसल भी बिछी
खेतों में धान बिछ गई। इसमें करीब 20 प्रतिशत नुकसान का खतरा है। शहरमालपुर गांव के प्रदीप और सत्यनारायण ने बताया कि खेतों में फसल पककर तैयार खड़ी है। इस स्थिति में बारिश नुकसानदायक है। कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि खेतों में पहले से गिरी धान को कुछ नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को फसल से पानी निकालने का प्रयास करना चाहिए। गन्ने की फसल को इतन नुकसान नहीं है।
जिले में बारिश के आंकड़े (एमएम में)
क्षेत्र बारिश
पानीपत 50
समालखा 64
इसराना 30
बापौली 60
मतलौडा 53
औसत 51.2
वर्जन
तेज बारिश के कारण शहर और मंडियों में जलभराव हुआ है। जल निकासी के निर्देश देने के साथ ही सभी संबंधित एजेंसियों को मंडियों में धान की खरीद और उसका उठान तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
विज्ञापन


डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उपायुक्त।

पानीपत अनाज मंडी में पानी में पड़ी एजेंसी की खरीदी धान की बोरी। संवाद- फोटो : samvad

पानीपत अनाज मंडी में पानी में पड़ी एजेंसी की खरीदी धान की बोरी। संवाद- फोटो : samvad

पानीपत अनाज मंडी में पानी में पड़ी एजेंसी की खरीदी धान की बोरी। संवाद- फोटो : samvad

पानीपत अनाज मंडी में पानी में पड़ी एजेंसी की खरीदी धान की बोरी। संवाद- फोटो : samvad

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें