संदीप ने बताया कि 2 जनवरी को कुछ लोग उनके घर में घुस आए और उनके बेटों के साथ मारपीट की। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगले दिन जब उनका बेटा खेल रहा था, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे फिर पीटा।
पानीपत के समालखा थाना प्रभारी कैलाश चंद्र को पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया है। मामला मच्छरौली गांव के निवासी संदीप और उनके परिवार के साथ थाने में बदसलूकी का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने थाने में शिकायत दर्ज कराने आए उनके और परिवार के साथ धक्का-मुक्की की और यहां तक कि पंचायत के एक सदस्य को भी हवालात में बंद कर दिया।
घटना का वीडियो बना सबूत
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संदीप ने थाने में हुए दुर्व्यवहार का एक वीडियो भी उपलब्ध कराया, जिसमें थाना प्रभारी कैलाश चंद्र को उन्हें धक्के मारते हुए देखा जा सकता है। संदीप का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर पहुंचे, तो उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उनके साथ बदसलूकी की गई। डीएसपी से की गई शिकायत के बाद मामला एसपी तक पहुंचा, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
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संदीप ने बताया कि 2 जनवरी को कुछ लोग उनके घर में घुस आए और उनके बेटों के साथ मारपीट की। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगले दिन जब उनका बेटा खेल रहा था, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे फिर पीटा। जब वे शिकायत लेकर थाना पहुंचे, तो उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ।
संदीप की पत्नी सुमन ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस ने दूसरे पक्ष को बुलाया। वहां दूसरे पक्ष के लोगों ने झगड़ा शुरू कर दिया। बाद में थाना प्रभारी पहुंचे और संदीप के जेठ और पंचायत सदस्य को हवालात में बंद कर दिया।
इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कैलाश चंद्र को निलंबित कर दिया और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए। उन्होंने पहले भी कार्रवाई करते हुए आठ मरला चौकी के एएसआई बिजेंद्र को लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर किया था।