फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे दिन पहुंची दोगुनी भीड़, बैंकों में पैसे हुए खत्म

Sat, 12 Nov 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
विज्ञापन
ATM के बाहर लगी भारी भीड़ - फोटो : demo pic
विज्ञापन
जिले में 500 और एक हजार के नोट बदलवाने के लिए दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंचे। एटीएम खुलने के बाद भी बैंकों में राहत नहीं थी। जिले के बैंकों में सुबह से शाम और एटीएम में देर रात लाइन लगी रही। जिले में दूसरे दिन 788 करोड़ रुपये जमा हुए, जबकि 32 करोड़ रुपये बदले गए।
विज्ञापन


जिले के बैंकों में नई करेंसी के दो हजार के नोट के रूप में करीब सात करोड़ रुपये पहुंच गए हैं। मोटी राशि आने के बाद बैंक अधिकारियों और उपभोक्ताओं ने राहत की कुछ सांस ली है। दो हजार के नोट पाने वाले उपभोक्ता पूरा दिन उसे दिखाते रहे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने व्यापक प्रबंध होने का दावा किया है।

जिले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी बैंकों में सुबह ही नोट बदलवाने के लिए लाइन लग गई। बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी मुश्किल से बैंक में दाखिल हुए। पुलिस को बैंकों के अंदर और बाहर व्यवस्था बनाने में मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस पूरे दिन बैंकों में तैनात रही। पुलिस अधिकारी बैंकों का दौरा करते रहे।
विज्ञापन


दावे के बाद भी शुक्रवार सुबह एटीएम नहीं खुल पाए। इससे एटीएम में आने वाले उपभोक्ता भी बैंकों में पहुंच गए। जबरदस्त भीड़ को संभालने के लिए बैंक अधिकारियों को अतिरिक्त स्टाफ लगाना पड़ा। एसबीआई की जीटी रोड स्थित मुख्य शाखा में सबसे ज्यादा भीड़ रही। दोपहर बाद एटीएम में कैश डालना शुरू किया गया।

इसके बाद एटीएम के बाहर लोगों की लाइन लग गई। शाम को बैंक बंद होने के बाद एटीएम पर भीड़ अधिक हो गई। एटीएम के बाहर देर रात तक पैसे निकलवाने वाले खड़ रहे।

200 मीटर तक पहुंची लाइन
जिले में शुक्रवार को पहले दिन की अपेक्षा 266 करोड़ रुपये ज्यादा जमा हुए, जबकि 32 करोड़ रुपये बदले गए। दूसरे दिन जिले में 788 करोड़ रुपये जमा किए गए, जबकि पहले दिन 522 करोड़ की राशि जमा कराई गई थी। जिले में कुल 41 बैंक है और 243 शाखाओं में नोट बदलने आरै कैश जमा कराने की व्यवस्था की गई। बैंकों अज्ञैर डाकघरों के बाहर करीब 200-200 मीटर लंबी लाइन लगी रही।

एसबीआई में दो काउंटर अतिरिक्त लगे
जीटी रोड स्थित एसबीआई के मुख्य प्रबंधक सुरेंद्र पाठक ने बताया कि उनके बैंक की जिले में 16 शाखाएं और 36 एटीएम हैं। बैंक में पहले दिन चार काउंटर लगाए गए थे। दूसरे दिन लोगों की भीड़ को देखते हुए दो अतिरिक्त डेस्क लगाए गए हैं। इनमें बैंक के तीन सीनियर अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि बैंक में करीब चार करोड़ आए थे। इन्हें सभी में बांट दिया गया है। बैंक में नए दो हजार के नोट ही आए थे।

एटीएम में रखें जाएंगे दो हजार के नोट
बैंक अधिकारियों ने बताया कि दो हजार का नोट एक हजार के नोट से लंबाई और चौड़ाई में छोटा है। इस लिए एसबीआई को जिले के सभी एटीएम शुरू होने में चार से पांच दिन का समय लग सकता है। 11 नंवबर को जिले के एसबीआई के सभी एटीएम को खाली कराया गया। इसके बाद नए नोट मशीन में डाले जाएंगे।

साथ ही नोट निकालने की प्रक्रिया को चेक किया जाएगा। यदि दो हजार के नोट मशीन से सही निकल जाते हैं, तो ठीक है, नहीं तो इसमें पैसे रखे जाने वाली कैसेट को चेंज किया जाएगा।

दोगुना अधिक हुई भीड़
जीटी रोड स्थित यूको बैंक के ब्रांच मैनेजर सुरेश कुमार ने बताया कि बैंक में पहले दिन दो डेस्क लगाई गई थीं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक ही डेस्क लगाया गया है। पहले दिन एक लाइन में खड़े लोग कभी दूसरी लाइन में घुस रहे थे। बैंक में अभी नए नोट नहीं पहुंचे है, लेकिन जल्द ही आने की संभावना है।

असंध रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर विभोर कालड़ा ने बताया कि सुबह ही पुराने नोट खत्म हो गए थे। इसलिए लोगों से अपील की गई कि वे लाइन में तीन बजे के बाद ही लगे।

लोग ले रहे दस और बीस के नोट
एकदम से भीड़ उमड़ने के कारण बैंकों और डाकघरों में सौ-सौ के नोट खत्म हो गए। इसके बाद 10 और  20 के नोट दिए गए। लोग मांग को देखते हुए उनको ही ले गए।

जिले में ज्यादातर एटीएम रहे बंद
जिले के ज्यादातर एटीएम नई करेंसी न पहुंच पाने के कारण बंद ही रहे। सभी बैंकों ने अपने एटीएम को वैन भेजकर खाली करवाया। अधिकारियों ने बताया कि नई करेंसी आने के साथ ही एटीएम शुरू करवा दिए जाएंगे। इसमें अभी दो दिन लग सकते है।

डाकघर को नहीं दे रहे नए नोट
जिले के सभी डाकघरों में बैंक से नए नोट नहीं दिए जा रहे है। डाकघरों के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें नए नोट नहीं दिए जा रहे हैं, क्योंकि बैंक चाहते है कि दस और बीस के पुराने नोट शहर की जनता को बांट दिए जाएं। इसके बाद ही नए नोट डाकघर को दिए जाएं। दस और बीस के नोटों की स्थिति बदत्तर हालत है।

सुताना गांव में रहने वाले प्रवीण कुमार ने बताया कि घर में पिता बीमार है। उन्हें डॉक्टर को दिखाना है। इलाज के लिए घर में पैसे हैं, वह नोट सभी 500-500 के है। आज सुबह सात बजे से पैसे बदलवाने के लिए लाइन में खड़े हैं, लेकिन भीड़ होने के कारण शाम के चार बज चुके है। उनका नंबर नहीं आया।

विराट नगर के दर्शन लाल ने बताया कि वह सीनियर सिटीजन हैं। सुबह नौ बजे से लाइन में खड़े हैं। बैंक में दाखिल हो पाना भी मुश्किल है। बैंक के बाहर एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है। बैंक अधिकारी अंदर से बोल रहे है कि कैश खत्म हो गया है, तीन बजे के बाद आना, लेकिन तीन बजे भी वही हाल है।

गांव बरसत के रहने वाले कूपर चंद ने बताया कि वे बीमार हैं। पैसे बदलवाने के लिए बैक आए थे। कल उनकी आईडी को लेकर उनका बेटा बैंक आया था, लेकिन पैसे नहीं बदले। इस वजह से उन्हें आना पड़ा है। अब भी दो घंटे लाइन में लग चुके हैं, लेकिन नंबर नहीं आने और खड़े रहने से थक गए हैं।

विकास नगर में रहने वाले तहजीब ने बताया कि बैंक गरीब लोगों की नहीं सुन रहा है। बड़े और जान पहचान वाले लोगों को ही अंदर बुला-बुलाकर पैसे दिए जा रहे है। हमें तीन घंटे तक लाइन में खड़ा किया जा रहा है। गरीबों की ओर कोई भी अधिकारी ध्यान देने की जरूरत नहीं समझ रहे।

पानीपत जिले में पहले की अपेक्षा दूसरे दिन अधिक भीड़ रही। जिले में दूसरे दिन 788 करोड़ जमा किए गए। पहले दिन से 266 करोड़ अधिक रही यह रकम। पानीपत में पीएनबी में कुल सात करोड़ के नए नोट आए हैं। पहले दिन से ज्यादा दूसरे दिन अधिक मारामारी देखी गई।
विज्ञापन

राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें