इंडियन ऑयल के पदाधिकारी को प्रमाण-पत्र देते अधिकारी। संस्थान
मतलौडा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में देश की पहली कंपनी बन गई है। जिसे सतत विमानन ईंधन उत्पादन के लिए प्रतिष्ठित आईएससीसी कोर्सिया प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणन जो वाणिज्यिक स्तर पर एसएएफ उत्पादन के लिए आवश्यक है। भारत की क्षमता को उत्पादन, प्रमाणन और वितरण के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जाता है। कोटेक्ना इंस्पेक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी को प्रयुक्त खाद्य तेल को सह-प्रसंस्कृत तेल में परिवर्तित करने के लिए प्रमाणित किया है। जिसे विमानन टरबाइन ईंधन के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में चिह्नित किया गया। जहां मेसर्स कोटेकना ने औपचारिक रूप से यह प्रमाणन इंडियन ऑयल के चेयरमेन एएस साहनी को सौंपा। इस मौके पर संयुक्त सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय रोहित माथुर, संयुक्त महानिदेशक डीजीसीए मनीष कुमार, निदेशक पानीपत रिफ़ाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के कार्यकारी निदेशक अरविंद कुमार व रिफाइनरी प्रमुख एमएल डहरिया मौजूद रहे। इंडियन ऑयल के चेयरमेन पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव डीजीसीए के संयुक्त महानिदेशक तथा एनएबीसी के वरिष्ठ निदेशक ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय व अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन एजेंसी के संयुक्त प्रयासों की प्रशंसा की। संवाद