प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। उस वक्त पानीपत का लिंगानुपात 893 था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग जांच और भ्रूण हत्या के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू किए थे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश का अक्टूबर का लिंगानुपात जारी कर दिया है। पानीपत लिंगानुपात में प्रदेश में फिलहाल 918 अंक के साथ आठवें स्थान पर है। सितंबर में 917 अंक के साथ नौवें स्थान पर था। कुरुक्षेत्र 947 अंक के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। महेंद्रगढ़ 868 अंक के साथ प्रदेश में सबसे फिसड्डी रहा है। स्वास्थ्य निदेशक की ओर से सभी सिविल सर्जन को लिंगानुपात बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। उस वक्त पानीपत का लिंगानुपात 893 था। भ्रूण हत्या के लिए पानीपत बदनाम था। इस अभियान की शुरुआत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग जांच और भ्रूण हत्या के खिलाफ कड़े कदम उठाने शुरू किए थे। पिछले आठ साल में स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण लिंग जांच के 70 मामलों का भंडाफोड़ किया।
इसी फलस्वरूप पानीपत 2017 तक 946 लिंगानुपात के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया था लेकिन यहां अपना स्थान कायम नहीं रख पाया। 2018 में 918 अंक के साथ पानीपत टॉप 10 से बाहर हो गया था। 2022 में 920 अंक के साथ पानीपत प्रदेश में नौवें स्थान पर रहा था। 2023 में अक्टूबर माह तक पानीपत का लिंगानुपात लगभग स्थिर ही रहा है। अब पानीपत 918 अंक के साथ प्रदेश में आठवें स्थान पर है।
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अधिकारी के अनुसार
अक्टूबर तक पानीपत 918 अंक के साथ प्रदेश में आठवें स्थान पर है। लिंगानुपात बेहतर करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पीएनडीटी टीम सक्रिय है। लोगों से अपील है कि अगर उन्हें कहीं लिंग जांच की सूचना मिले तो स्वास्थ्य विभाग को दें। -डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन