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सीआईए के थानेदार समेत चार सस्पेंड

Sat, 24 May 2014 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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सीआईए वन में शहर के वार्ड नंबर दो की महिला पार्षद के वकील पति समेत परिवार के सदस्यों के साथ हाथापाई करने के मामले की गाज थाने के एक थानेदार समेत चार पुलिस कर्मचारियों पर गिरी है।
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एसपी ने चारों को सस्पेंड कर मामले की जांच एएसपी बदन सिंह राणा को सौंपी है। पार्षद के पति के पक्ष में उतरे मेयर और अन्य पार्षदों ने शहर विधायक बलबीर पाल और एसपी से भी मुलाकात की थी। विधायक ने मेयर को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था।

नगर निगम की पार्षद कमलेश मजोका के पति समेत परिवार के बाकी सदस्यों के साथ सीआईए वन में हाथापाई करने और कपड़े फाड़ने के मामले ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया।
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कमलेश मजोका के पक्ष में मेयर भूपेंद्र सिंह और बाकी पार्षद उतर आए। सभी पार्षद एकजुट होकर पहले शहर विधायक बलबीर पाल शाह से मिले। विधायक बलबीर पाल ने मुख्यमंत्री से बात करते उचित कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद वे सब लघु सचिवालय में पहुंचे और एसपी से उचित कार्रवाई की मांग की। पार्षद कमलेश मजोका के ससुर मदन मजोका ने कहा कि उन्होंने भी पुलिस में नौकरी की है और अच्छी साख के साथ सेवानिवृत्ति ली है।

उन्होंने किसी को परेशान नहीं होने दिया गया। वे पुलिस के पास न्याय मांगने गए तो उनके परिवार के साथ मारपीट की गई और महिलाओं के साथ भला-बुरा किया गया।

कमलेश मजोका ने कहा कि पुलिसकर्मियों को कानून को नहीं तोड़ना चाहिए था। ऐसे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करना चाहिए।

एसपी ने उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया। एसपी कार्यालय में मेयर भूपेंद्र सिंह और नगर सुधार मंडल के पूर्व चेयरमैन मुकेश टुटेजा समेत पार्षद कमलेश मजोका, मंजूू कादियान, सुरेश वर्मा, अशोक कटारिया, सुशील शर्मा, प्रवेेश नैन, जयकुमार बिंदल, बलविंद्र सिंह, संजीव कुमार, सुभाष बठला, रामरत्न अग्रवाल मदन मजोका, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सतेंद्र सिंह, भीम सचदेवा और अवधेश यादव मौजूद रहे।

चार को सामने ही किया सस्पेंड
एसपी बी. सतीश बालन ने पार्षद और बाकी लोगों की बातों को ध्यान से सुना और उनके सामने ही चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इसमें सब इंस्पेक्टर ओम प्रकाश, हवलदार राजेश, हवलदार अरुण कुमार और सिपाही संदीप शामिल हैं।

उन्होंने इस मामले की जांच एएसपी बदन सिंह राणा को सौंपी है। इस मामले की तीन माह के अंदर रिपोर्ट सौंपनी होगी। एसपी ने उनको इस मामले की स्वतंत्र रूप से कहीं पर भी जांच कराने की भी पेशकश की, लेकिन उक्त लोगों ने एसपी की जांच पर भरोसा जताया।

यह है मामला
थाना शहर के अंतर्गत सेक्टर-18 में बाबरपुर नाले के पास 10 जनवरी को एक महिला का शव मिला था। शव की शिनाख्त मंजू निवासी रामनगर दिल्ली के रूप में हुई। पुलिस ने प्राथमिक जांच में हत्या की आशंका जताई थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गया।

मंजू पूर्व पार्षद मदन लाल मजोका के परिवार की थी और उसकी करनाल में शादी की थी। परिवार के लोगों ने मंजू के पति और उसकी एक मित्र पर हत्या का आरोप लगाया था।

थाना शहर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था और जांच शुरू कर दी थी। परिजनों ने थाना शहर पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच सीआईए वन को सौंप दी थी।

पार्षद कमलेश मजोका के पति एडवोकेट सुनील, सांस कृष्णा और परिवार के सदस्य वीरवार को सीआईए पानीपत में गए थे और यहां पर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। आरोप है कि इसी समय सीआईए वन के पुलिसकर्मियों ने उनके साथ हाथापाई कर दी।

विधायक ने कहा, सरकार में पार्षद पीटे जा रहे
शहर विधायक बलबीर पाल शाह से मामले को देखते मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बात की। उन्होंने सीएम के सामने सारा मामला रखा और कहा कि ऐसे सरकार नहीं चलती। पुलिसकर्मी पार्षदों की ही पिटाई कर रहे हैं। इस तरह के मामलों में उचित कदम उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विधायक को इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

सीआईए को अखाड़ा बताने पर एसपी का टका सा जवाब
महिला पार्षद कमलेश मजोका ने अपनी बात रखते सीआईए को अखाड़ा कह दिया। इस पर एसपी ने उनको टका सा जवाब देते कहा कि सीआईए तो होता ही है अखाड़ा। सीआईए की जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। उन्होंने पार्षद से कहा कि पुलिस अधिकारी कानून लागू करते हैं, लेकिन कानून तो नेता लोग बनाते हैं। थानों में न तो महिलाओं को लाया जाता है और न ही उनको अंदर जाने दिया जाता है।
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