दिल्ली विधानसभा चुनाव माहौल में पानीपत से शराब नकली शराब की तस्करी की जा रही थी। एक सप्ताह में नकली शराब सेे भरा एक कैंटर खपा दिया जाता था। डेढ़ माह से समालखा में नकली शराब बनाने का यह धंधा चल रहा था। बुधवार रात को सीआईए टू ने इस पूरे धंधे का भंडाफोड़ दिया। एक फैक्ट्री में दबिश देकर एक युवक को गिरफ्तार किया गया। इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में केमिकल, शराब की भरी व खाली बोतलें बरामद की गई। इस पूरे धंधे के मास्टर माइंड अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सीआईए टू ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सीआईए टू की टीम बुधवार रात को हथवाला गांव के पास गश्त कर रही थी। टीम के प्रभारी फूलकुमार को सूचना मिली थी कि सीताराम कॉलोनी में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही है। प्रभारी फूल कुमार ने इसकी सूचना एसपी लोकेंद्र सिंह को दी।
एसपी लोकेंद्र सिंह के निर्देशों पर आबकारी एवं काराधान विभाग की इंस्पेक्टर मुकेश रानी व समालखा पुलिस थाना प्रभारी कैलाश चंद को साथ लिया गया। सीआईए टू ने शराब फैक्ट्री पर दबिश दी। यहां एक युवकराब की बोतल पर रॉयल स्टेग का लेबल लगाते मिला। कमरे में सील लगाने की मशीन, काफी संख्या में ढक्कन व गत्ता पेट्टी मिली । पुलिस ने यहां मिले युवक को हिरासत में लिया। उसकी पहचान पट्टीकल्याण गांव निवासी विकास के रूप में हुई।
विकास ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर डेढ़ माह से यहां किराए पर मकान लेकर नकली शराब बनाने का काम कर रहा है। वह एक दिन में 15 पेट्टी रॉयल स्टेग व ब्लेंडर्स प्राइड की तैयार कर लेते हैं। फिर इस शराब को दिल्ली में सप्लाई किया जाता है। उनके गिरोह का सरगना शराब ठेकेदार है। वह उसके शराब के ठेके पर दिल्ली में सेल्समैन था।
पुलिस ने यहां से 15 बोतल रॉयल स्टेग, देसी शराब के छह पव्वे, केमिकल से भरा एक ड्रम व तीन कैन व तैयार नकली शराब के भरी दो प्लास्टिक कैनी, रॉयल स्टेग की 250 खाली बोतल, बोतल के ढक्कन से भरे दो कट्टे व एक बैग, लेबल, टेप, प्लास व एक सील लगाने की मशीन बरामद हुई।