फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओ मोदी मनै ले ले गोदी, तनै गरीबां की भर दी होदी

Sun, 25 Dec 2016 11:13 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला पानीपत
विज्ञापन
पानीपत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
अंकन साहित्यिक मंच पानीपत की मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने नोटबंदी के प्रभावों पर रचनाएं पेश कीं। यह गोष्ठी आर्य पीजी कॉलेज में हुई। मुख्य तिथि संजय कौशिक विज्ञात और विशिष्ट अतिथि सोनम रावत रहे।
विज्ञापन


अध्यक्षता डॉ. रानी रजनी और मंच संचालन कमलेश कुमार पालीवाल ने किया। कमलेश कुमार पालीवाल ने कहा कि अरै मोदी, मनै ले ले गोदी, तनै गरीबां की भर दी होदी, सारी जनता इब राज्जी होरी, काले धन की खुलगी तिजोरी।

डॉ. एपी जैन ने कहा कि बैंककर्मियों को मिला पहला सेल्यूट, पर कुछ ने मचा दी पूरी लूट, नोट बंदी जरकी हो गई, जनता मुश्किलों में मर मायूस हो गई।। श्रद्धानंद उपाध्याय दीन ने कहा कि ठेके भांग, शराब के देती है
विज्ञापन


सरकार, सत्ता उससे छीनकर मारो धक्के चार, धूम्रपान रोके बिना कोई सरकार, जनहित का दावा करे दीन उसे धिक्कार।। धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफिर ने कहा कि जिंदगी से हम हुए नाशाद थे, मौत से नजरे मिलाना आ गया।।

केसर कमल शर्मा ने कहा कि दोस्तों मैं शह के कीचड़ में पत्थर मारकर, दाग दामन में लगाऊं ये मेरी आदत नहीं।। संजय कौशिक ने कहा कि देवदुति प्रसूति दर्द सहती, फिर वो मां कहलाती है, ममता की बहती रहती नदी,

बेहद तक पहुंचाती है, सीना चीर धीरता से मां, जब स्तनपान कराती है, दूध दौड़ बन लहू शिशु में, ऐसा प्रेम जगाती है। रमेश चंद्र पुहाल पानीपती ने कहा कि कुद्रव ने अता की है मुझे दर्द की स्याही,

है दिल पे मेरे नक्श तभी दूर निगाही, वो शहर तमन्नाओं का अब कैसे बसेगा, खुद अपने ही हाथों से हुई जिसकी तबाही, पुहाल है मेरा उससे तअल्लुक बड़ा गहरा, मैं इश्क का रहगीर हूं वो हुस्न की राही।। 

चंद्रशेखर आजाद ने ने कहा कि आंखों में सितारों को सजाए रखना, हम सब मुसाफिर हैं, अगले रविवार एक जनवरी 2017 में मुलाकात होगी, अगले रविवार का इंतजार करना।
विज्ञापन


सुलेख जैन ने कहा कि 25 दिसंबर का खास दिन खुशियां लाता है, सांता क्लॉज आता है, बच्चों को गिफ्ट दे जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें