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परी को मिलेगी मां की गोद........

Fri, 02 Oct 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
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प्रशासन की डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट जल्द से जल्द देने की रिक्वेस्ट को एफएसएल निदेशक ने असेप्ट कर लिया है।  निदेशक के आश्वासन के बाद प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली है।
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डीसी समीर पाल सरो ने बच्ची परी और आरोप लगाने वाली महिला कविता समेत बाकी दो कविता के डीएनए की रिपोर्ट जल्द से जल्द देने की मांग की और एक रिक्वेस्ट लेटर एफएसएल निदेशालय को भेजा।

एफएसएल निदेशक आशा धीर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट जल्द से जल्द देने का भरोसा दिया। बताया जा रहा है कि सामान्यत: डीएनए की रिपोर्ट आने में दो से तीन माह का समय लग जाता है, लेकिन इस मामले को देखते हुए 20 दिन में रिपोर्ट देने का भरोसा जताया है।
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सिविल अस्पताल में 18 जून से बच्चा बदलने को लेकर हंगामा चल रहा है। रामनगर निवासी कविता ने डॉक्टरों और स्टाफ नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया था।

उसने बताया कि उसकी 17 जून को सिविल अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। उसको उस वक्त बच्ची पैदा होने की जानकारी दी गई थी लेकिन उसको अगले दिन दूध पिलाने को लड़का दिया गया। उसके हाथ पर उसका और उसके पति अमित के नाम का टैग बंधा था।

थाना शहर पुलिस ने उसकी शिकायत पर डॉक्टर व स्टाफ नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। परिजनों ने डीएनए कराने की मांग की।

पुलिस ने इसको लेकर कई बार तारीख लीए लेकिन रामनगर निवासी कविता मधुबन की बजाय चंडीगढ़ डीएनए कराने की मांग पर अड़ गई।

प्रशासन ने मामला बढने पर 10 सितंबर को लघु सचिवालय में बैठक की और बैठक में रामनगर की। कविता के साथ नैन और ऊंचा समाना निवासी को भी शामिल किया।

उनके बच्चों को भी 18 जून को सिविल अस्पताल की नर्सरी में होना पाया गया था। प्रशासन ने इसके बाद 28 सितंबर को डीएनए के सैंपल लेने को तारीख मिल गई। बच्चा बदलने का आरोप लगाने वाली रामनगर निवासी कविता नोटिस देने के बाद भी डीएनए कराने को नहीं पहुंची।

प्रशासन व पुलिस ने मामले को देखते हुए 28 सितंबर को बच्ची परी और नैन और ऊंचा समाना निवासी कविता का डीएनए करा दिया गया।

रामनगर निवासी कविता के पति अमित की याचिका पर 29 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई की गई। हाईकोर्ट ने एक अक्तूबर को बच्ची और आरोपकर्ता दंपति का चंडीगढ़ में डीएनए टेस्ट कराने का फैसला दिया और प्रशासन और पुलिस को भी इसके आदेश दिए।

प्रशासन और पुलिस ने एक अक्तूबर को फिर से बच्ची व रामनगर के दंपति का डीएनए टेस्ट कराया।

हाईकोर्ट के आदेश पर वीरवार को बच्ची व रामनगर निवासी आरोपकर्ता दंपति का पीजीआई चंडीगढ़ डीएनए टेस्ट करा दिया है। डीसी की जल्द रिपोर्ट देने की रिक्वेस्ट को भी एफएसएल निदेशक ने असेप्ट कर लिया है। रिपोर्ट को सबके सामने रखा जाएगा।
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हरिओम अत्री, तहसीलदार पानीपत
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