डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की ओर से शहर में एक सितंबर को चलाए सफाई अभियान से प्रेरित होकर एकजुट हुई शहर की धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती समारोह पर महासफाई अभियान चलाया।
इसमें विभिन्न संगठनों के करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर शहर की स्वच्छता और सुंदरता को बनाए रखने की अपील की लेकिन स्वच्छता अभियान पर जनता और वार्ड पार्षदों की बेरुखी भारी पड़ी।
इससे सफाई अभियान पूरे शहर में न चलकर केवल पांच से सात वार्डों तक ही सिमट गया। संगठनों के इस प्रयास का असर एक दिन में भले ही दिखाई न पड़ा हो लेकिन भविष्य में इस पहल के बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।
महासफाई अभियान का शुभारंभ डीसी समीर पाल सरो, विधायक रोहिता रेवड़ी, भाजपा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा ने हुडा सेक्टर-12 स्थित साईं नाथ चौक से झाड़ू लगाकर किया।
इस दौरान डीसी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि विश्व कल्याण के अध्यात्मिक नेता भी थे।
उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए चरित्र का बेहतर होना जरूरी समझा और सत्य की जीत के लिए विश्व मानव को शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने का एक अद्भुत हथियार भी दिया।
वे सारा जीवन शांति, स्वच्छता और पवित्रता कायम करने और समाज से नशाखोरी, अज्ञानता और गरीबी के खिलाफ आंदोलन चलाते रहे।
गांधी जयंती को प्रतिवर्ष विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। स्वच्छ भारत के सपने का साकार करने के लिए प्रधानमंत्री आज ही के दिन पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया था। इस अभियान को बनाए रखना प्रशासन और आम जनता का काम है।
अभियान में मेयर सुरेश वर्मा, एडीसी सुजान सिंह, नगराधीश विवेक चौधरी, एसडीएम सुभाष श्योराण, शुगर मिल की एमडी गायत्री अहलावत, समाजसेवी सुरेंद्र रेवड़ी, पतंजलि योगपीठ के जसमेर सिंह, डॉ. शीशपाल, रणधीर जागलान, विनोद कुमार, अशोक अरोड़ा, गुलशन कुमार, हरिओम तायल, रामनिवास गोयल, सुरेंद्र सिंगला, रोशन लाल गुप्ता, रमेश सिंगला, पुरुषोत्तम शर्मा ने लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
शहर की जनता और पार्षदों की बेरुखी के चलते शहर की सामाजिक और धार्मिक संगठनों के आह्वान पर शुरू हुआ महा सफाई अभियान पांच से सात वार्डों तक ही सिमट कर रह गया है।
संगठन और प्रशासन ने इसमें कोई कोर कसर नहीं छोड़ी लेकिन शहर की जनता और पार्षदों का सहयोग न मिलने से अभियान पूरे शहर में व्यापक स्तर पर नहीं चल पाया।
इससे एक बार फिर शहर की पॉश कॉलोनियों तक स्वच्छता अभियान की गूंज सुनाई नहीं दी। अभियान में वार्ड पार्षद, लोकेश नागरू, दुष्यंत भट्ट, सुरेंद्र गर्ग, बलजीत, राम रत्न अग्रवाल और अशोक नारंग ने पूर्ण सहयोग दिया। वहीं, पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह सहित अन्य पार्षदों ने अभियान में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई
देर से पहुंची ट्राली पड़ा रह गया कूड़ा
महा सफाई अभियान के लिए सर्व संगठन की ओर से प्रशासन से 70 ट्रैक्टर-ट्राली मांगे गए थे। प्रशासन की ओर से ट्रॉलियों की व्यवस्था भी की गई लेकिन हर बार की तरह ट्रालियां लेट पहुंचीं। इससे शहर की कई कॉलोनियों में सफाई कार्य होने के बावजूद कूड़े का उठान नहीं हो सका। इससे दोपहर बार फिर वही कचरा सड़कों पर बिखरता नजर आया।
5000 लोगों ने निकाला 125 ट्राली कचरा
सर्व संगठन के आह्वान पर महासफाई अभियान से जुड़ी शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्था, पतंजलि योग पीठ, पानीपत यार्न डीलर एसोसिएशन, पानीपत ग्रीन यूथ क्लब, एक्सनोरा और शहीद भगत सिंह संस्था के पांच हजार लोगों ने सुबह साढे़ सात बजे से लेकर शाम चार बजे तक शहर में सफाई कार्य किया। इससे पूरे शहर से 125 ट्राली कचरा निकाला गया।
सर्व संगठन की ओर से शहर की जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अभी तो अभियान की शुरुआत हुई है। इसके परिणाम तो कुछ समय बाद नजर आएंगे। लेकिन पार्षदों और जनता का अभियान से न जुड़ना बड़ा दुखदायी रहा।
मेहुल जैन, सहसंयोजक सर्व संगठन।
शहर की सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से की पहल सराहनीय है। इस अभियान की निरंतरता को बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है।
विवेक चौधरी, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम पानीपत।