जिला प्रशासन ने बतरा कॉलोनी में डायरिया फैलने की जिम्मेदारी ले ली है और बतरा कॉलोनी समेत पूरे शहर की कॉलोनियों में साफ-सफाई के लिए एक्शन प्लान बनाने पर काम शुरू कर दिया है।
डीसी ने दो हफ्ते में सफाई के एक्शन प्लान के साथ शहर में उतरने का दावा किया है। डीसी समीर पाल सरो बतरा कॉलोनी में डायरिया फैलने के बाद पहली बार मीडिया के सामने रूबरू हुए।
उन्होंने अपने कार्यालय में करीब पौन घंटे तक मीडिया से बात की। उन्होंने बतरा कॉलोनी में डायरिया फैलने में तीनों विभागों नगर निगम, जन स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विभाग की कमी मानते हुए प्रशासन की जिम्मेदारी मानी है।
वे डीसी के साथ नगर निगम के कमिश्नर होने के नाते भी गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि बतरा कॉलोनी ही नहीं, शहर की कई अन्य कॉलोनियों की स्थिति चिंताजनक है। वे शहर के सभी चौबीस वार्डों में सफाई अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक्शन प्लान बनाया जा रहा है और अगले दो हफ्ते में एक्शन प्लान सबके सामने रख देंगे।
बतरा कॉलोनी में सोमवार को डायरिया ब्रेक हुआ था। नगर निगम, जन स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विभाग में ब्लैम गेम छिड़ गया था।
विभाग डायरिया फैलने में एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे थे। डीसी समीर पाल सरो ने तीनों विभाग के अधिकारियों की भी वीरवार को अपने कार्यालय में मीटिंग ली। सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
डीसी ने बताया कि शहर का साफ सुथरा बनाने का उनका मन भी है और इच्छा शक्ति भी। वे इसको मूवमेंट बना देंगे। हर व्यक्ति को साथ लेकर चला जाएगा। हर वार्ड में दस से पंद्रह सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। इसमें महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।
उनसे संबंधित वार्ड के सफाई कर्मियों की पहचान कराई जाएगी। हर माह उनसे सफाई कर्मियों की रिपोर्ट ली जाएगी। उसके आधार पर कर्मियों को वेतन दिया जाएगा और काम न करने वाले कर्मियों का उस दिन का वेतन काट लिया जाएगा।
डीसी ने डायरिया में किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि नगर निगम, जन स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विभाग तीनों की कमी माना है।
उन्होंने बताया कि कॉलोनी से नाली और ड्रेनेज का सिस्टम संतोषजनक नहीं है। कॉलोनी में जगह-जगह गंदा पानी है। नगर निगम ने साफ सफाई का भी कोई ध्यान नहीं दिया। जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल सप्लाई पाइप लाइन पंक्चर मिली।
कुछ लोगों ने इनसे अवैध कनेक्शन तक जोड़ रखे थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कॉलोनी में फॉगिंग और लोगों को जागरूक करने के कदम नहीं उठाए।
डीसी ने बताया कि बतरा कॉलोनी में लोगों का मेडिकल चेकअप किया जाएगा और पानी सप्लाई की पाइप लाइन बदली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की स्पेशल मेडिकल टीम लगाई है और जन स्वास्थ्य विभाग डिफेक्टिव पाइप लाइन को बदलेगा।
कॉलोनी में जमा गंदे पानी को सुपर शकर मशीन से निकालना शुरू किया।
बतरा कॉलोनी की पानी निकासी को दिशा दी जाएगी और पानी डिस्चार्ज के लिए नाला बनाया जाएगा। इसके लिए 45 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है।
डीसी ने बताया कि बतरा कॉलोनी का बारीकी से दौरा किया है। कॉलोनी में पानी निकासी के कोई प्रबंध नहीं हैं। इसके लिए 2234 फुट लंबी बाक्स ड्रेन बनाई जाएगी। इसका निर्माण कार्य आठ से दस दिन में शुरू हो जाएगा। यह लोगों की भी मांग थी।
बतरा कॉलोनी में दो डाई हाउसों का जहरीला पानी नालियों में निकाला जा रहा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी दोनों के सैंपल भरे थे। उन्होंने बताया कि शहर के दूसरे हिस्सों में भी डाई हाउस रिहायशी क्षेत्र में चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डाई हाउसों को चैक करेगा और किसी तरह की कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बतरा कॉलोनी में डायरिया ब्रेकअप होने के बाद सिविल अस्पताल में डायरिया स्पेशल वार्ड बना दिया है। हम बता दें कि बतरा कॉलोनी में डायरिया के मरीज सामने आने के बाद सिविल अस्पताल की स्थिति भी बिगड़ गई थी।
अस्पताल में एक बेड पर दो-दो, तीन-तीन मरीजों का इलाज किया था।
जिला प्रशासन ने डायरिया को गंभीर माना है और हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। यह नंबर 0180-2645800 है। लोग डायरिया के संकेत मिलते ही हेल्पलाइन पर सूचित करेंगे।
उनको यहां पर प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के साथ सूचना के आधार पर इलाज भी कराया जाएगा।
बतरा कॉलोनी में डायरिया से ग्रस्त बच्चों और लोगों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा। डीसी ने बताया कि इसके लिए रेडक्रास और दूसरे संसाधनों का सहारा लिया जाएगा। कॉलोनी में स्थिति नियंत्रित होने के बाद मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।
डीसी ने बताया कि नगर निगम में सफाईकर्मियों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। नगर निगम में ढाई सौ कर्मी भर्ती किए जाएंगे। इससे पहले साढ़े सात सौ सफाईकर्मी हैं। इन कर्मियों के आने पर शहर को साफ सुधरा रखा जा सकता है।
बारिश के सीजन में डायरिया आौर दूसरी मौसमी बीमारी आसानी से आ जाती हैं और थोड़ी सी लापरवाही में बढ़ जाती हैं। बतरा कॉलोनी में भी ऐसा ही हुआ।
लोग डायरिया होने पर ओआरएस का घोल लें। इसके अलावा पानी को उबालकर पीएं। पानी की कमी या गंदा पानी पीने के चलते इस तरह की बीमारी होती हैं।
बाजार में खुले में खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं। बरसाती मौसम में लोगों को इस तरह के खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। खाद्य विभाग की ओर से ऐसे हॉकरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।