अगर आप सिविल अस्पताल में दवाई लेने जा रहे हैं तो सावधान....यहां कभी भी आपका पर्स व मोबाइल चोरी हो सकता है। सिविल अस्पताल में इन दिनों जेब पर हाथ साफ करने वाले मरीज के रूप में घूम रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला, जब मरीज बनकर आई एक महिला ने सिविल अस्पताल में एएनएम व कंप्यूटर ऑपरेटर का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होने पर महिला फरार हो गई। अस्पताल में घटित दोनों घटनाएं दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
प्रसूती गृह के बाहर इलाज करवाने पहुंची महिलाओं की भीड़ थी। भीड़ में एएनएम सुमन हाथ में मोबाइल लिए खड़ी थी। तभी भीड़ से एक महिला ने मोबाइल को झटके से छीनने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ द्वारा देख लेने पर वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाई और भाग गई। इस घटना से कुछ ही देर बाद एक अन्य महिला ने सिविल अस्पताल मे कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत कविता का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। कविता ने मोबाइल नहीं छोड़ा। भीड़ को इकट्ठा होते देख महिला ने कविता के मोबाइल को अपना मोबाइल बताया। भीड़ बढ़ती देख महिला शिकायत देने की बात कहते हुए निकल गई। ये दोनों महिलाएं एक ही हैं या फिर अलग-अलग, इस पर भी संशय बना हुआ है। सिविल अस्पताल में करीब चार माह पहले भी इस प्रकार की वारदात घटित हुई थी। इलाज करवाने पहुंची महिला के पॉलीथिन को ब्लैड से काटकर सात हजार रुपये व मोबाइल चोरी कर लिया था। इस वारदात को एक महिला ने ही अंजाम दिया था।
सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजो को सरकारी इलाज दिया जाता है। इसलिए मरीज को चाहिए कि वे अपने साथ ज्यादा पैसे लेकर ना आएं। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अपने सामान का भी ध्यान रखना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सिक्योरिटी गार्ड भी हर समय रहते हैं।
आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल